रावतसर। प्रदेश के पशुपालकों की समस्याओं को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारतीय मानवाधिकार परिषद के संभागीय अध्यक्ष डॉ. जगदीप सिंह ने प्रदेश के कैबिनेट पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत को विभिन्न जन-समस्याओं, पशु चिकित्सालयों के विकास और विभागीय मांगों से संबंधित विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में पशुपालकों तथा ग्रामीण अंचलों से जुड़े कई अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। ज्ञापन में प्रदेश में बढ़ती आवारा पशुओं की समस्या पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। डॉ. सिंह ने बताया कि बड़ी संख्या में आवारा पशु सड़कों और गांवों में घूम रहे हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है और आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि इन पशुओं को व्यवस्थित रूप से गौशालाओं में रखा जाए तथा उनके संरक्षण के लिए ठोस नीति बनाई जाए। गौशालाओं की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता जताई गई। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रदेश की अनेक गौशालाएं सीमित संसाधनों और अपर्याप्त भूमि के कारण प्रभावी ढंग से संचालित नहीं हो पा रही हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि गौशालाओं को पर्याप्त भूमि आवंटित की जाए, अनुदान राशि में वृद्धि की जाए और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष योजनाएं चलाई जाएं, ताकि पशुधन संरक्षण को मजबूती मिल सके। ज्ञापन में गोचर भूमि पर हो रहे अवैध कब्जों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। डॉ. सिंह ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर भूमाफिया और स्थानीय स्तर पर प्रभावशाली तत्वों द्वारा गोचर भूमि पर अतिक्रमण किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की कि ऐसे अवैध कब्जों को हटाकर गोचर भूमि को मुक्त कराया जाए और उसे गौशालाओं व पशुधन संरक्षण के उपयोग हेतु उपलब्ध कराया जाए। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकों के हितों के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने हाल ही में राजसमंद में आयोजित पशु मेले में भाग लेने और विधानसभा में मोबाइल वेटरनरी यूनिट (1962 हेल्पलाइन) सहित विभिन्न पशुधन विकास योजनाओं पर दिए गए जवाबों का उल्लेख किया। मंत्री ने बताया कि मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से पशुपालकों को घर बैठे निःशुल्क पशु चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए ‘मंगला पशु बीमा योजना’ के तहत जन-आधार कार्ड धारक पशुपालकों की दो दुधारू गाय या भैंस का निःशुल्क बीमा किया जा रहा है। इस योजना को पशुपालकों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच बताते हुए मंत्री ने कहा कि इससे आकस्मिक क्षति की स्थिति में उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। मंत्री ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट घोषणाओं को समयबद्ध ढंग से लागू किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके। इस अवसर पर ह्यूमन हेल्प चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष केलाश गेदर, हरिकिशन टाक, ओबीसी मोर्चा पंजाब के प्रदेश महामंत्री जगदीश, मलकित सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक में पशुपालन और ग्रामीण विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह मुलाकात प्रदेश के पशुपालकों और गौसंरक्षण से जुड़े संगठनों के लिए आशा की किरण मानी जा रही है। यदि ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर प्रभावी कार्रवाई होती है, तो न केवल आवारा पशुओं की समस्या का समाधान संभव होगा, बल्कि गौशालाओं और पशुपालकों को भी सशक्त आधार मिल सकेगा।
