हनुमानगढ़। गोलूवाला पुलिस थाना क्षेत्र में एक महिला कारीगर के रिहायशी प्लॉट पर कब्जा करने की कोशिश और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देने का मामला सामने आया है। इस संबंध में वार्ड 6, खारा चक निवासी मीरा देवी पत्नी गिरधारी लाल व संतोष पत्नी रामप्रताप ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक को लिखित परिवाद सौंपकर निष्पक्ष जांच की मांग की। परिवाद में बताया गया कि उन्हें 17 फरवरी 1991 को ग्राम पंचायत गोलूवाला दिवादान (वर्तमान ग्राम पंचायत खारा चक) द्वारा रिहायशी पट्टा जारी किया गया था। उक्त प्लॉट पर 30 जुलाई 1991 से विद्युत कनेक्शन भी उनके ससुर सुगनलाल पुत्र मल्लूराम के नाम से स्वीकृत है। इसके दस्तावेज विद्युत विभाग की ओर से जारी पत्र में भी दर्ज हैं। 3 अगस्त 2022 को उक्त पट्टा उप पंजीयक गोलूवाला से रजिस्टर्ड कराया गया तथा 4 अक्टूबर 2022 को गिफ्ट डीड के माध्यम से संतोष के नाम हस्तांतरित किया गया। इसके अतिरिक्त 14 जनवरी 2026 को अतिरिक्त जिला कलक्टर की ओर से भी आदेश उनके पक्ष में पारित किया जा चुका है। परिवाद में आरोप लगाया गया है कि कुछ व्यक्तियों ने कथित रूप से भू-माफिया गिरोह बना रखा है और स्थानीय पुलिस से सांठगांठ कर परिवारों को डराकर उनकी जमीन हड़पने का प्रयास करते हैं। आरोप है कि संबंधित गिरोह के सदस्य उन पर प्लॉट सस्ते दामों में बेचने का दबाव बना रहे हैं तथा मना करने पर झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भिजवाने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी ओर से गोलूवाला पुलिस थाना में शिकायत देने पर उल्टा उन्हें ही धमकाया गया और कथित रूप से एक लाख रुपए की मांग की गई। महिलाओं ने परिवाद में आशंका जताई है कि यदि उनके परिवार को किसी प्रकार की हानि पहुंचती है तो संबंधित पुलिसकर्मियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना जाए। साथ ही संबंधित व्यक्तियों एवं पुलिस कर्मियों के मोबाइल कॉल डिटेल की जांच करवाने की भी मांग की गई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा उनके रिहायशी प्लॉट की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
