हनुमानगढ़। जंक्शन के सेक्टर 6, वार्ड 51 में आवारा कुत्तों और निराश्रित पशुओं की समस्या दिन-प्रतिदिन गंभीर रूप लेती जा रही है। कॉलोनी की सड़कों, पार्कां और मुख्य मार्गां पर कुत्तों के झुंड और निराश्रित पशुओं का जमावड़ा आमजन के लिए चिंता का कारण बन गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सुबह-शाम के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब बच्चे स्कूल जाते हैं और बुजुर्ग टहलने निकलते हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार पूर्व में कई राहगीरों को आवारा कुत्तों ने काट लिया था, जिनमें बच्चों और महिलाओं की संख्या भी शामिल रही। वहीं निराश्रित पशु अचानक सड़क पर आ जाने से कई दोपहिया वाहन चालक गिरकर घायल हो चुके हैं। कुछ कारों और मोटर साइकिलों को भी नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आई हैं। रहवासियों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो पाया है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। कॉलोनी में रहने वाले परिवारों का कहना है कि बच्चों को अकेले बाहर भेजने में डर लगता है।

स्थानीय नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना या जनहानि हो सकती है। निराश्रित पशुओं के कारण यातायात भी प्रभावित हो रहा है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। सामाजिक कार्यकर्ता सुशील बहल ने नगर परिषद आयुक्त व संबंधित सफाई निरीक्षक को मौखिम रूप से समस्या से अवगत कराया है। उन्होंने मांग की है कि आवारा कुत्तों को पकड़कर उनका टीकाकरण व नसबंदी करवाई जाए। निराश्रित पशुओं को तत्काल प्रभाव से पकड़कर गौशाला या सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए। कॉलोनी में नियमित गश्त व सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि कचरे के ढेर के कारण पशु इकट्ठा न हों। उन्होंने कहा कि नगर परिषद को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि सेक्टर 6 के निवासियों को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण मिल सके।
