चारणवासी। जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) जितेंद्र कुमार बठला, हनुमानगढ़ ने शुक्रवार को क्षेत्र के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फेफाना, जसाना एवं रतनपुरा स्थित परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान फेफाना स्थित दोनों परीक्षा केंद्रों में कमरों की क्षमता और परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था का सूक्ष्मता से अवलोकन किया गया। व्यवस्थाएं सामान्य रूप से संतोषजनक पाई गईं, लेकिन एक महत्वपूर्ण तकनीकी समस्या सामने आई। अधिकारियों के अनुसार, दोनों केंद्रों पर पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या बोर्ड द्वारा निर्धारित मापदंडों से काफी कम है। वर्तमान स्थिति यह है कि फेफाना के दोनों केंद्रों पर कुल परीक्षार्थियों की संख्या मिलाकर भी एक ही केंद्र की क्षमता के बराबर नहीं बैठती। जानकारी के अनुसार, पूर्व में फेफाना में केवल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ही एकमात्र परीक्षा केंद्र था, जहां पदमपुरा, गड़िया, मलवानी, रतनपुरा और चारणवासी के निजी विद्यालयों के विद्यार्थी परीक्षा देते थे। परीक्षार्थियों की संख्या अधिक होने पर राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय को दूसरा केंद्र बनाया गया था। अब जबकि परीक्षार्थियों की संख्या में कमी आ चुकी है, इसके बावजूद दो परीक्षा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इससे न केवल राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, अजमेर पर अतिरिक्त प्रशासनिक भार बढ़ रहा है, बल्कि बालिका विद्यालय का शैक्षणिक कार्य भी लगभग एक माह तक बाधित रहता है, जिससे छात्राओं की नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है। स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने निर्णय लिया है कि फेफाना में केवल एक ही परीक्षा केंद्र रखने का औपचारिक प्रस्ताव बोर्ड को भेजा जाएगा। इस कदम का उद्देश्य परीक्षा व्यवस्था को सुव्यवस्थित करना, संसाधनों का उचित उपयोग सुनिश्चित करना तथा किसी भी विद्यालय के विद्यार्थियों की पढ़ाई को अनावश्यक रूप से बाधित होने से बचाना है।
