दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ, विद्यार्थियों ने दी सांस्कृतिक एकता और राष्ट्रप्रेम की सशक्त झलक
हनुमानगढ़। सतीपुरा बाईपास स्थित मदान इंटरनेशनल स्कूल, हनुमानगढ़ में विद्यालय का वार्षिकोत्सव ‘एहसास’ अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह और भव्यता के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक सरोकार और नैतिक मूल्यों का संदेश दिया। रंग-बिरंगे परिधानों, आकर्षक मंच सज्जा और उमंग से भरे प्रदर्शन ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मदान एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक राजेंद्र मदान तथा गणमान्य अतिथियों द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्प अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों, शिक्षकों और अभिभावकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

विद्यालय की प्राचार्या भावना मित्तल ने स्वागत भाषण में वर्ष भर की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं खेल उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विद्यालय के विद्यार्थियों ने शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न खेल-कूद एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रोशन किया है। उन्होंने वार्षिकोत्सव ‘एहसास’ के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों पर बढ़ते मानसिक दबाव और प्रतिस्पर्धा के बीच ऐसे कार्यक्रम उनके आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने, तनाव को कम करने तथा रचनात्मक ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने का माध्यम बनते हैं। कार्यक्रम का आगाज़ सरस्वती वंदना से हुआ, जिसमें छात्राओं ने मधुर संगीत और समन्वित नृत्य के माध्यम से विद्या की देवी का आह्वान किया।

इसके पश्चात कक्षा पांच के विद्यार्थियों द्वारा पंचतत्व—अग्नि, आकाश, पृथ्वी, जल और वायु—पर आधारित विशेष प्रस्तुति दी गई। इस नृत्य-नाटिका में मानव जीवन में प्रकृति के महत्व और पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। देशभक्ति से ओत-प्रोत एक समूह नृत्य ने दर्शकों में राष्ट्रप्रेम की भावना जागृत कर दी। विद्यार्थियों ने तिरंगे की गरिमा और सैनिकों के बलिदान को भावपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया, जिस पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कक्षा तीन के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत लघु नाटिका में भाई-बहन के अटूट प्रेम और पारिवारिक मूल्यों को सुंदर ढंग से चित्रित किया गया।

वहीं ‘अभिमन्यु सिंह’ शीर्षक से प्रस्तुत नृत्य-नाटिका में नारी शक्ति और संघर्ष की प्रेरक गाथा दिखाई गई, जिसने समाज में महिलाओं की भूमिका और आत्मनिर्भरता के महत्व को उजागर किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में देशभक्ति एवं सामाजिक-सांस्कृतिक समरसता को दर्शाने वाले नृत्य भी आकर्षण का केंद्र रहे। वीर शिवाजी और अफजल खान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित प्रस्तुति ने दर्शकों में जोश भर दिया। इसके अतिरिक्त पंजाबी संस्कृति की झलक प्रस्तुत करते भांगड़ा नृत्य ने माहौल को जीवंत बना दिया और उपस्थित जनसमूह को थिरकने पर मजबूर कर दिया। कार्यक्रम में भगवान विष्णु के दस अवतारों पर आधारित नाट्य प्रस्तुति ‘दशावतार’ विशेष आकर्षण रही। विद्यार्थियों ने अभिनय, वेशभूषा और संवाद अदायगी के माध्यम से धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

इस प्रस्तुति ने कार्यक्रम को भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में रंग दिया। नन्हे-मुन्ने बच्चों की रंगारंग प्रस्तुतियों ने सभी का दिल जीत लिया। उनकी मासूम अदाओं और आत्मविश्वास से भरे मंच प्रदर्शन ने अभिभावकों को भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभावान विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित भी किया गया। विद्यालय के चेयरमैन सुनील मदान ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को अनुशासन, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वार्षिकोत्सव केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का सशक्त मंच प्रदान करता है। उन्होंने अभिभावकों के सहयोग और शिक्षकों के समर्पण की सराहना करते हुए विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प दोहराया।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा , मोहन लाल तथा विकास जुनेजा सहित अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी विद्यार्थियों के उत्साह, प्रतिभा और शिक्षकों की मेहनत की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने विद्यालय की सुव्यवस्थित व्यवस्था और अनुशासित आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पूरे समारोह के दौरान विद्यालय परिसर उत्सव के रंग में सराबोर रहा। आकर्षक मंच सज्जा, प्रकाश एवं ध्वनि व्यवस्था तथा विद्यार्थियों की सजीव प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को यादगार बना दिया। अभिभावकों ने भी आयोजन की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया। अंत में आभार ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। ‘एहसास’ वार्षिकोत्सव ने न केवल प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि शिक्षा और संस्कारों के समन्वय का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। यह आयोजन विद्यालय की उत्कृष्ट शैक्षणिक परंपरा और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बनकर लंबे समय तक स्मरणीय रहेगा।
