ऐलनाबाद। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से एडीआर सेंटर स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं तथा नागरिक अस्पताल सिरसा के नर्सिंग स्टाफ के लिए कानूनी जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य महिला कर्मियों को उनके अधिकारों, कानूनी सुरक्षा तथा उपलब्ध सहायता सेवाओं के प्रति जागरूक करना रहा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी प्रवेश सिंगला ने जानकारी देते हुए बताया कि समाज के विभिन्न वर्गों तक कानूनी जानकारी पहुंचाना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और स्वास्थ्य विभाग के नर्सिंग स्टाफ के लिए यह विशेष कार्यशाला आयोजित की गई, ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रह सकें और जरूरत पड़ने पर कानून का सही उपयोग कर सकें। कार्यशाला में पैनल अधिवक्ता बलबीर कौर गांधी, असिस्टेंट एलएडीसी दविंदर कौर, गायनेकोलॉजिस्ट डॉ. अर्चना अग्रवाल, नर्सिंग ऑफिसर गीता तथा नर्सिंग ऑफिसर कविता ने प्रतिभागियों को विभिन्न महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। वक्ताओं ने घरेलू हिंसा अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम (पॉश) अधिनियम तथा महिलाओं से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी देते हुए उनके अधिकारों और कानूनी सुरक्षा उपायों पर प्रकाश डाला। इसके साथ ही प्रतिभागियों को निःशुल्क कानूनी सहायता सेवाओं के बारे में भी बताया गया। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर या जरूरतमंद व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। कार्यशाला के दौरान राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को बताया गया कि इस नंबर पर संपर्क कर कोई भी व्यक्ति कानूनी सलाह और सहायता प्राप्त कर सकता है। कार्यशाला के अंत में उपस्थित प्रतिभागियों ने कानूनी जानकारी को अपने कार्यक्षेत्र में भी साझा करने का संकल्प लिया।
संवाददाता- रमेश भार्गव
