हनुमानगढ़। जिले के गांव 2 केएनजे में लंबे समय से चली आ रही मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीणों ने आंदोलन का रास्ता अपनाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में गांव के युवाओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न समस्याओं पर चर्चा करते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने के लिए आंदोलनात्मक कदम उठाने का निर्णय लिया गया। बैठक में युवाओं ने बताया कि गांव में लंबे समय से कई जरूरी समस्याएं लंबित पड़ी हैं, जिनका समाधान नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ग्रामीणों के अनुसार गांव में काफी समय से मनरेगा कार्य बंद पड़ा हुआ है, जिससे मजदूरों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई लाभार्थियों को मकान स्वीकृत होने के बाद पहली किस्त मिल चुकी है और उन्होंने अपने स्तर पर मकान का निर्माण लगभग पूरा भी कर लिया है, लेकिन दूसरी व तीसरी किस्त अब तक जारी नहीं की गई है।

इससे लाभार्थियों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में यह भी बताया गया कि गांव के जोड़ पायतन में बरसाती पानी की निकासी के लिए किए गए दो बोरवेल बंद पड़े हैं, जिसके कारण बरसात का पानी और घरों का गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है। इससे आवागमन में दिक्कत के साथ गंदगी की समस्या भी बढ़ रही है। इसके अलावा बरसाती पानी की निकासी के लिए किए गए अन्य दो बोर भी बंद पड़े हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि गांव की नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है। वहीं गांव के दो-तीन मुख्य रास्तों पर बनी पुलिया भी टूटी हुई हैं, जिससे कई बार स्कूली वाहन व अन्य वाहन गड्ढों में फंस जाते हैं और दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों ने बताया कि मूल निवास, जाति प्रमाण पत्र और जन्म प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए लोगों को नगर पालिका के बार-बार चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन वहां उनकी सुनवाई नहीं होती। बैठक में यह मुद्दा भी उठाया गया कि गांव में करीब 60 लाख रुपये की लागत से पंचायत भवन बनकर तैयार है, जिसे नगर परिषद ने अपने कब्जे में तो ले लिया है, लेकिन वह आज तक बंद पड़ा हुआ है। वहां मनरेगा से संबंधित कोई कर्मचारी या अधिकारी नहीं बैठता। इसके अलावा पूर्व में पंचायत द्वारा ग्रामीणों को दिए गए निशुल्क पट्टे भी नगर परिषद के कब्जे में हैं, जिन्हें आज तक वितरित नहीं किया गया है। इन सभी समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर बैठक में निर्णय लिया गया कि 13 मार्च को सुबह 10 बजे गांव के युवा और ग्रामीण नंगे पांव पैदल चलकर हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पहुंचेंगे और जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपेंगे। बैठक में युवा कांग्रेसी नेता रणवीर सिहाग, राजेंद्र सुथार, उत्तम नेहरा, मुकेश कुमार, सुखप्रीत सिंह, जसु सिंह, हरदीप सिंह, महेंद्र, राजेंद्र झाझरिया सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
