हनुमानगढ़। जिले के करणीसर गांव के ग्रामीणों ने विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को डबली पुलिस चौकी का घेराव कर विरोध प्रदर्शन किया। करीब तीन घंटे तक चले इस घेराव के बाद डीवाईएसपी मीनाक्षी सहारण मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें शांत कराया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। ग्रामीणों का कहना था कि हाल ही में दर्ज मामलों में पुलिस की कार्रवाई से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में निर्दोष लोगों को भी परेशान किया जा रहा है, जबकि वास्तविक आरोपियों के खिलाफ अब तक सख्त कार्रवाई नहीं की गई है। इसी के विरोध में बड़ी संख्या में ग्रामीण डबली पुलिस चौकी के बाहर एकत्रित हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगें रखीं।

ग्रामीणों द्वारा प्रशासन को सौंपे गए मांग-पत्र में थाना सदर हनुमानगढ़ में दर्ज मुकदमा संख्या 219/2025 में कथित रूप से शामिल डबलीराठान पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियों कुलदीप मीणा और चन्द्रभान को निलंबित करने की मांग की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों की भूमिका विवाद को बढ़ाने में रही है और वे गांव में मादक पदार्थों की बिक्री में भी संलिप्त हैं। इसके अलावा मुकदमा संख्या 41/2026 के मामले में पुलिसकर्मी जसकरण सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में घरों में घुसकर महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और मारपीट की गई, जिसमें दो महिलाएं घायल हो गईं। घायल महिलाओं का उपचार राजकीय चिकित्सालय में चल रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि मुकदमा संख्या 219/2025 की जांच पुलिस थाना तलवाड़ा के उपनिरीक्षक को सौंपी गई है, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। ग्रामीणों के अनुसार आरोपी खुलेआम गांव में घूम रहे हैं और ग्रामीणों को धमकियां दे रहे हैं। करीब तीन घंटे तक चले घेराव के बाद डीवाईएसपी मीनाक्षी सहारण मौके पर पहुंचीं और ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाएगी, किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। डीवाईएसपी के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए। हालांकि ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
