-मुख्य बाजार में नगरपरिषद का अतिक्रमण हटाओ अभियान, सड़क से हटवाया सामान
हनुमानगढ़। शहर के मुख्य बाजार क्षेत्र में सोमवार को नगरपरिषद की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। भगत सिंह चौक से बस स्टैंड की ओर जाने वाले मार्ग पर दुकानों के बाहर सड़क पर रखे सामान, अस्थायी ढांचे और अन्य अवरोधों को हटवाकर सड़क को खाली कराया गया। यह कार्रवाई माननीय न्यायालय स्थायी लोक अदालत, हनुमानगढ़ में विचाराधीन प्रकरण संख्या 4/2022 राजेन्द्र कुमार बनाम नगरपरिषद हनुमानगढ़ के तहत जारी निर्देशों की पालना में की गई। नगरपरिषद के अनुसार स्थायी लोक अदालत के पत्र क्रमांक 208-209 दिनांक 7 नवंबर 2024 तथा जिला कलेक्टर द्वारा राजकाज रेफरेंस संख्या 11653514 दिनांक 7 नवंबर 2024 के तहत सार्वजनिक मार्गों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। नगरपरिषद की टीम ने सोमवार को शाम करीब 3 बजे से अभियान चलाकर बाजार क्षेत्र में सड़क पर किए गए अतिक्रमण हटवाए। अभियान के लिए विशेष टीम का गठन किया गया, जिसकी जिम्मेदारी राजस्व अधिकारी दलीप कुमार को सौंपी गई।

उनके नेतृत्व में टीम ने मौके पर पहुंचकर दुकानों के बाहर सड़क पर रखे सामान और अस्थायी ढांचों को हटवाया। कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता वेद प्रकाश सहारण को सह-प्रभारी बनाया गया था। टीम में सहायक नगर नियोजक निखिल नेहरा, राजस्व निरीक्षक गंगाराम, कनिष्ठ अभियंता प्रेम दास नायक, धीरज कुमार, आनंद कुमार, कमल कुमार, वरिष्ठ लिपिक अनिल कुमार, रमनदीप, नरेश मेट सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे। नगरपरिषद अधिकारियों ने बताया कि कई दुकानदारों द्वारा सड़क पर सामान रखकर और अस्थायी ढांचे बनाकर मार्ग को संकरा कर दिया गया था, जिससे आमजन और वाहनों की आवाजाही में परेशानी हो रही थी।

शिकायतों के आधार पर और न्यायालय के निर्देशों की पालना में यह कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान दुकानदारों को भविष्य में सड़क पर अतिक्रमण नहीं करने की चेतावनी भी दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक मार्गों पर अतिक्रमण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोबारा अतिक्रमण मिलने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद बाजार क्षेत्र में सड़क मार्ग काफी हद तक साफ नजर आया और यातायात व्यवस्था में भी सुधार देखा गया। नगरपरिषद ने संकेत दिए हैं कि शहर के अन्य क्षेत्रों में भी जरूरत पड़ने पर इसी तरह के अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाए जाएंगे।

