-सहकारी समितियों के कार्मिकों ने सौंपा ज्ञापन, समस्याओं के जल्द समाधान की मांग
हनुमानगढ़। ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कार्मिकों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहा आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। राजस्थान सहकारी कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारियों का धरना चौथे दिन भी जारी रहा। इस दौरान कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की। धरने के दौरान कर्मचारियों ने बताया कि प्रदेश की ग्राम सेवा सहकारी समितियों में कार्यरत कार्मिक लंबे समय से कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए कई बार सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

संघर्ष समिति द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में ग्राम सेवा सहकारी समितियों के कार्मिकों के लिए कैडर अथॉरिटी और नियोक्ता का स्पष्ट निर्धारण करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। कर्मचारियों का कहना है कि सहकारिता विभाग द्वारा गठित कमेटी संघर्ष समिति के संयोजकों से सुझाव प्राप्त कर चुकी है, लेकिन पिछले तीन महीनों से संबंधित फाइलें प्रक्रियाधीन और लंबित पड़ी हुई हैं। कर्मचारियों ने इस मामले में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेकर आदेश जारी करने की मांग की। इसके अलावा केंद्रीय सहकारी बैंकों में ऋण पर्यवेक्षक के रिक्त पदों पर नियुक्ति को लेकर भी कर्मचारियों ने अपनी मांग रखी।

उनका कहना है कि इन पदों पर ग्राम सेवा सहकारी समितियों के व्यवस्थापकों को प्राथमिकता दी जाए और शत-प्रतिशत नियुक्ति समितियों के व्यवस्थापकों से ही की जाए। साथ ही भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा की बाध्यता समाप्त कर जल्द भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि 10 जुलाई 2017 से पूर्व नियुक्त कार्मिकों के नियमितीकरण की प्रक्रिया 27 जुलाई 2022 को रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा शुरू की गई थी, लेकिन समय की कमी के कारण कई जिलों के कर्मचारी इस प्रक्रिया से वंचित रह गए। ऐसे में नियमितीकरण की प्रक्रिया को पुनः प्रारंभ कर सभी पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ देने की मांग की गई।

कर्मचारियों ने समितियों में कार्यरत व्यवस्थापक, सहायक व्यवस्थापक, सेल्समैन, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी और कंप्यूटर ऑपरेटर सहित सभी श्रेणी के कार्मिकों के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष निर्धारित करते हुए नियमितीकरण का लाभ देने की भी मांग उठाई। साथ ही जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में बैंकिंग सहायक के पदों पर व्यवस्थापकों के लिए आरक्षित 20 प्रतिशत कोटे की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग भी की।

संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि मांगों को लेकर प्रदेशभर के कार्मिकों में रोष व्याप्त है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मार्च माह तक मांगों का समाधान नहीं किया गया तो अप्रैल माह में जयपुर में विशाल रैली और महापड़ाव आयोजित किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। धरने के दौरान बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे। इस अवसर पर राजेंद्र सिंह, राधे श्याम, प्रिंस कुमार, सुरेंद्र भाटी, ओम प्रकाश तरार, रविंद्र खीचर, मनोज शर्मा, श्याम सुंदर, संदीप भाकर, राधेश्याम तथा गुरमीत सिंह सहित कई कार्मिक उपस्थित रहे।
