हनुमानगढ़। भीम आर्मी भारत एकता मिशन सदस्यों की ओर से मंगलवार को राष्ट्रपति को जिला कलक्टर के माध्यम से ज्ञापन भेजकर ईसाई और बौद्ध समुदाय के लोगों के कथित उत्पीड़न, धार्मिक गतिविधियों में बाधा और झूठे प्रकरण दर्ज कराने की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई। संगठन ने ऐसे मामलों में कठोर कानूनी कार्रवाई तथा धार्मिक स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। संगठन के जिलाध्यक्ष मदन लाल ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से ऐसी घटनाओं की खबरें सामने आ रही हैं, जिनमें कुछ संगठनों पर ईसाई और बौद्ध समुदाय के लोगों को प्रताड़ित करने, उनके धार्मिक स्थलों पर जाकर व्यवधान उत्पन्न करने तथा धर्मांतरण के कथित झूठे मामलों में फंसाने के आरोप लगाए जाते रहे हैं। ऐसी घटनाएं संविधान की ओर से प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों के विपरीत हैं। जिलाध्यक्ष मदन लाल ने भारत के संविधान के तहत प्रत्येक नागरिक को अपने धर्म का पालन, प्रचार और प्रसार करने की स्वतंत्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक गतिविधियों में हस्तक्षेप सामाजिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था के लिए भी चुनौती बन सकता है। भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने राष्ट्रपति से मांग की कि ऐसे मामलों में शामिल व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही धार्मिक स्थलों पर कथित अवैध हस्तक्षेप, धमकी, भयादोहन और शांति भंग करने जैसी गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में ईसाई और बौद्ध समुदाय के लोगों को निर्भय होकर धार्मिक उपासना करने के लिए प्रशासनिक सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा सभी राज्यों की सरकारों और पुलिस प्रशासन को निष्पक्ष एवं त्वरित कार्रवाई के निर्देश जारी करने की मांग की गई। संगठन के जिलाध्यक्ष मदन लाल ने कहा कि यदि ऐसे मामलों पर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो संगठन देशव्यापी आंदोलन करने पर विचार कर सकता है। इस मौके पर संगठन की महिला विंग जिलाध्यक्ष सन्तोष पूनिया, तहसील अध्यक्ष सुखपाल कौर, सावित्री देवी, निर्मल सिंह, मंजू देवी मौजूद थे।
