हनुमानगढ़। श्री खुशालदास विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी विभाग के सहायक प्रोफेसर विक्रम मंगवाना ने नई दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर, संसद मार्ग में आयोजित 5वें भारत उद्यमिता सम्मेलन-2026 में डेलीगेट के रूप में हिस्सा लिया। एकदिवसीय सम्मेलन की थीम ‘फ्रॉम स्टार्टअप टू स्केलअप’ रही। सम्मेलन का आयोजन एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया की ओर से डीपीआईआईटी (स्टार्टअप इंडिया) के सहयोग से किया गया, जबकि नाबार्ड का भी सहयोग रहा। सम्मेलन में देशभर से उद्यमी, स्टार्टअप संस्थापक, उद्योग प्रतिनिधि, शिक्षाविद, निवेशक एवं विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। ‘एआई फॉर एग्रीकल्चर, इनोवेशन फॉर भारत’, ‘इनोवेट फॉर भारत, स्केल फॉर द वर्ल्ड’ तथा ‘कनेक्ट, कोलैबोरेट, चेंज’ जैसे संदेशों के माध्यम से नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। उद्घाटन सत्र में सर्वोच्च न्यायालय के अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता विकास प्रीतम सिन्हा, एंटरप्रेन्योर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष अभिषेक कुमार, हिंदुस्तान मीडिया वेंचर्स लिमिटेड के प्रबंध संपादक प्रताप सोमवंशी, वैल्यूब्रिज कैपिटल की उपाध्यक्ष गरिमा सेठ, आईएसबी हैदराबाद की प्रोग्राम लीड रिचा खट्टर वर्मा तथा मेपल एक्सेलरेटर के पार्टनर मनीष जौहरी सहित विशेषज्ञों ने उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े विषयों पर विचार रखे। सम्मेलन में ‘उभरती तकनीक और नवाचार के माध्यम से भारत निर्माण’ विषय पर व्यावसायिक सत्र तथा ‘उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र के स्तंभ : विश्व से सीख’ विषय पर पैनल चर्चा हुई। इसमें स्टार्टअप को सफल बनाने के लिए मेंटरशिप, वित्तीय सहयोग, नीतिगत समर्थन तथा उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर चर्चा की गई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों के माध्यम से नए अवसर सृजित करने पर भी विचार-विमर्श हुआ। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि उद्यमिता युवाओं के लिए रोजगार एवं आत्मनिर्भरता का महत्वपूर्ण माध्यम है। विश्वविद्यालय का प्रयास है कि विद्यार्थी नौकरी तलाशने वाले ही नहीं, बल्कि रोजगार सृजनकर्ता भी बनें। राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर विश्वविद्यालय के शिक्षकों की भागीदारी गर्व का विषय है। विश्वविद्यालय के एमडी दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षा, उद्योग और सरकार को एक मंच पर लाने का कार्य करते हैं। सम्मेलन से प्राप्तप्तजानकारी विद्यार्थियों के लिए उपयोगी होगी और उन्हें नवाचार एवं स्टार्टअप की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन वरुण यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलनों, कार्यशालाओं एवं अकादमिक गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए निरंतर प्रोत्साहित करता है। इससे शिक्षकों को नई तकनीकों और उद्योग की बदलती आवश्यकताओं की जानकारी मिलती है, जिसका लाभ विद्यार्थियों के कौशल विकास एवं शिक्षण प्रक्रिया को मिलता है। सहायक प्रोफेसर विक्रम मंगवाना ने सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में हिस्सा लेकर उद्यमियों, विशेषज्ञों एवं नीति क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। उन्होंने बताया कि स्टार्टअप इकोसिस्टम, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों से संबंधित चर्चाएं उपयोगी रहीं। सम्मेलन से प्राप्त अनुभव एवं जानकारी विद्यार्थियों के साथ साझा कर उन्हें स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता गतिविधियों के लिए प्रेरित किया जाएगा। विश्वविद्यालय की ओर से विद्यार्थियों को स्टार्टअप एवं नवाचार गतिविधियों से जोड़ने के साथ परिसर में उद्यमिता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती तकनीकों से संबंधित कार्यशालाओं एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा।
