हनुमानगढ़। जिले के कंप्यूटर अनुदेशकों ने अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं के समाधान को लेकर मंगलवार को शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर जल्द कार्रवाई की मांग की। इस दौरान अनुदेशकों ने शिक्षण व्यवस्था से जुड़ी कई महत्वपूर्ण खामियों को उजागर किया। अनुदेशकों ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी पन्नालाल कड़ेला तथा जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक जितेंद्र बठला को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि विद्यालयों में कंप्यूटर विषय के लिए स्पष्ट कालांश निर्धारित नहीं किए जा रहे हैं। इसके अलावा उन्हें अन्य विषयों का कार्य और गैर-शैक्षणिक कार्यां में लगाया जाता है, जिससे कंप्यूटर शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि शिक्षण सत्र 2026-27 के दिशा-निर्देशों एवं बीसीआई/एससीआई जॉब चार्ट के अनुसार कक्षा 6 से 12 तक कंप्यूटर विषय के लिए पर्याप्त कालांश निर्धारित हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर इनका पालन नहीं हो रहा है। अनुदेशकों ने यह भी मुद्दा उठाया कि कई स्कूलों में कंप्यूटर लैब की स्थिति बेहद खराब है या लैब उपलब्ध ही नहीं है। इसके कारण विद्यार्थियों को प्रायोगिक शिक्षा से वंचित रहना पड़ रहा है। इसके साथ ही प्रशिक्षण व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए गए। कंप्यूटर अनुदेशकों ने कहा कि वर्तमान में कंप्यूटर प्रशिक्षण ऐसे कर्मचारियों से करवाया जा रहा है, जिनकी तकनीकी योग्यता सीमित है, जबकि यह कार्य विषय विशेषज्ञों की ओर से किया जाना चाहिए। अनुदेशकों ने मांग की कि कंप्यूटर से जुड़े सभी प्रशिक्षण केवल योग्य और अनुभवी विशेषज्ञों से ही कराए जाएं। ज्ञापन के माध्यम से अनुदेशकों ने प्रमुख मांगें रखते हुए कहा कि सभी विद्यालयों में एक समान आदेश जारी कर कंप्यूटर विषय के कालांश तय किए जाएं, बीसीआई/एससीआई के अनुसार 42 कालांश लागू किए जाएं, अनावश्यक ड्यूटी से राहत दी जाए तथा कंप्यूटर लैब की व्यवस्था को मजबूत किया जाए। अधिकारियों ने अनुदेशकों की समस्याओं को सुनते हुए उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।
