हनुमानगढ़। तहसील भादरा में किन्नर समुदाय की एक सेवा प्रमुख द्वारा स्वयं के साथ हुई मारपीट, धमकी, जानलेवा हमले के प्रयास तथा पुलिस थाना भादरा की कथित उदासीनता और दुर्व्यवहार को लेकर जिला पुलिस अधीक्षक को विस्तृत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया है। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि सामाजिक सेवा गतिविधियों से नाराज कुछ व्यक्तियों ने योजनाबद्ध तरीके से पीछा कर हमला करने का प्रयास किया, वहीं थाना स्तर पर शिकायत के बावजूद न केवल कार्यवाही नहीं की गई बल्कि पीड़िता को अपमानित भी किया गया।

प्रार्थना पत्र के अनुसार, पीड़िता विश्व हिन्दू परिषद भादरा की सेवा प्रमुख हैं तथा किन्नर समुदाय से संबंध रखती हैं। वे समय-समय पर सामाजिक व सेवा कार्यों में सक्रिय रहती हैं। दिनांक 14 जनवरी को उन्होंने भादरा स्थित श्री गौशाला में गुड़ आदि भेंट किया तथा जरूरतमंदों को गर्म कपड़े व रेवड़ी वितरित की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया। आरोप है कि इसी से नाराज होकर कुछ व्यक्तियों ने उन्हें समाज सेवा बंद करने की धमकी दी और रंजिश रखने लगे। घटना के अनुसार, 17 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 2 बजे पीड़िता अपने साथियों के साथ बोलेरो गाड़ी से डेरे की ओर जा रही थीं, तभी बोलेरो कैम्पर व स्कॉर्पियो गाड़ियों में सवार आरोपियों ने पीछा कर रास्ता रोकने व टक्कर मारने का प्रयास किया। किसी तरह बचकर पीड़िता डेरे पहुंची और तत्पश्चात पुलिस थाना भादरा में सूचना दी। आरोप है कि शिकायत देने के बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कार्यवाही नहीं की। प्रार्थना पत्र में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि थाने में आरोपित खुलेआम बैठे थे और वहीं पीड़िता को धमकाया गया। इसके बाद थाना परिसर के बाहर पीड़िता व उनके साथियों के साथ मारपीट, गाली-गलौच और ईंट-पत्थरों से हमला किया गया। इस हमले में पीड़िता व उनके साथी घायल हो गए, जिनका राजकीय चिकित्सालय भादरा में मेडिकल कराया गया।

सबसे गंभीर आरोप थाना प्रभारी पर लगाए गए हैं। प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि थाना प्रभारी ने न केवल आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही से इनकार किया, बल्कि पीड़िता के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग कर सार्वजनिक रूप से अपमानित किया तथा आपत्तिजनक टिप्पणी भी की। आरोप है कि पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे और आरोपियों को संरक्षण मिला। पीड़िता ने बताया कि पूरे घटनाक्रम से संबंधित वीडियो व ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है। साथ ही यह भी उल्लेख किया गया कि पूर्व में भी उन्हीं आरोपियों द्वारा जानलेवा हमला किया गया था, जिसकी रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। प्रार्थना पत्र में जिला पुलिस अधीक्षक से मांग की गई है कि आरोपियों के खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए, साथ ही थाना प्रभारी के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर सख्त विभागीय कार्यवाही व निलंबन किया जाए, ताकि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच संभव हो सके।
