– नए भवन में कक्षाएं संचालित करने, खेल मैदान व बंद हॉस्टल शुरू करने की मांग, भूख हड़ताल की चेतावनी
हनुमानगढ़। कृषि महाविद्यालय के नए भवन को चुनाव के लिए अधिग्रहित किए जाने के विरोध में छात्र-छात्राओं का बेमियादी धरना शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। टाउन स्थित कृषि महाविद्यालय के पुराने भवन परिसर में धरने पर बैठे विद्यार्थियों ने नारेबाजी करते हुए नए भवन का अधिग्रहण रद्द करने और उनकी कक्षाएं नए भवन में ही संचालित करने की मांग की। धरने पर बैठे कृषि महाविद्यालय के छात्र गुरमीत सिंह ने बताया कि छात्र-छात्राएं पिछले तीन दिनों से पुराने भवन परिसर में धरना दे रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ है। उनकी रोजाना कक्षाएं नियमित रूप से संचालित होना जरूरी हैं, ताकि उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो। गुरमीत सिंह ने बताया कि कृषि महाविद्यालय के नए भवन में कक्षाएं संचालित करवाने के लिए वे पिछले लंबे समय से प्रयासरत थे। करीब तीन साल की कोशिशों के बाद नया भवन उपलब्ध हुआ था। नए भवन में शिफ्ट होने के बाद विद्यार्थियों को उम्मीद जगी थी कि उन्हें पढ़ाई के साथ लैब, लाइब्रेरी, फील्ड और प्रैक्टिकल वर्क जैसी जरूरी सुविधाएं नियमित रूप से मिल सकेंगी। लेकिन चुनाव के लिए नए भवन का अधिग्रहण किए जाने के बाद विद्यार्थियों को वापस पुराने भवन में भेज दिया गया। छात्रों का कहना है कि पुराने भवन में पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं और वे पिछले तीन-चार वर्षांे से मूलभूत शैक्षणिक सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यार्थियों ने कहा कि बीएससी एग्रीकल्चर चार वर्षीय डिग्री कोर्स है, जिसमें प्रयोगशाला, लाइब्रेरी और प्रैक्टिकल प्रशिक्षण की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद उन्हें लंबे समय से इन सुविधाओं का पर्याप्त लाभ नहीं मिल पा रहा है। छात्रों का सवाल है कि जब उनसे पूरी फीस ली जा रही है तो उन्हें बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध करवाने में परेशानी क्यों हो रही है। उन्होंने चुनाव के लिए कृषि महाविद्यालय के नए भवन को ही अधिग्रहित किए जाने पर भी सवाल उठाए। विद्यार्थियों ने कहा कि चुनाव संबंधी व्यवस्थाओं के लिए अन्य भवनों का उपयोग किया जा सकता था, फिर कृषि महाविद्यालय को ही क्यों चुना गया। छात्रों के अनुसार वे गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारियों से मिले थे। प्रशासन की ओर से अधिग्रहण की अवधि कम करने की बात कही गई, लेकिन विद्यार्थियों का कहना है कि इस अवधि में उनकी पढ़ाई प्रभावित होने की जिम्मेदारी कौन लेगा, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिला। छात्रों ने मांग की कि नए भवन में ही नियमित कक्षाएं संचालित की जाएं, खेल मैदान उपलब्ध करवाया जाए और लंबे समय से बंद पड़े हॉस्टल को शुरू किया जाए। धरनारत छात्र-छात्राओं ने स्पष्ट किया कि जब तक प्रशासन और कॉलेज डीन की ओर से उनकी मांगों पर लिखित में जवाब नहीं दिया जाता, तब तक उनका बेमियादी धरना जारी रहेगा। छात्रों ने चेतावनी दी कि मांगों का समाधान नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर भूख हड़ताल भी शुरू की जाएगी।
