हनुमानगढ़। गो सेवा और भारतीय संस्कृति के संरक्षण को लेकर गो सम्मान आह्वान अभियान के तहत देशभर में एक व्यापक जनआंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई है। अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने सभी भारतवासियों और गो प्रेमियों से अपील की है कि वे अपने-अपने तहसील, ब्लॉक और अनुमंडल अधिकारियों के माध्यम से प्रार्थना पत्र सौंपें। अभियान के अनुसार 27 जुलाई को जिला कलक्टर के माध्यम से तथा 27 अक्टूबर को राज्य सचिव के जरिए महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजे जाएंगे। अभियान की कार्यकारिणी में वेद्लक्षणा गौमाता (आद्यशक्ति मां सुरभि) को प्रधान संरक्षक और नंदी बाबा (नीलमणि वृषभदेव) को अध्यक्ष के रूप में दर्शाया गया है। साथ ही भारतीय परंपरा के संत-महापुरुषों, आचार्यों और गोभक्तों का आशीर्वाद भी अभियान को प्राप्त बताया गया है। अभियान के तहत केन्द्र एवं राज्य सरकारों से संविधान के दायरे में रहते हुए अहिंसक तरीके से कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गई हैं। इनमें देशभर में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध, गोमाता को राष्ट्र माता या राष्ट्रीय धरोहर का दर्जा देने, गो सेवा के लिए केन्द्रीय कानून बनाने और केन्द्रीय गौ सेवा मंत्रालय गठित करने की मांग शामिल है। इसके अलावा गोचर भूमि संरक्षण, चारा सुरक्षा नीति लागू करने, गौ आधारित कृषि को बढ़ावा देने तथा पंचगव्य उत्पादों के निर्माण और विपणन को प्रोत्साहित करने पर भी जोर दिया गया है। गोरक्षक कृष्ण कश्यप ने बताया कि गो सम्मान आह्वान अभियान संतों की ओर से चलाया गया है। इसमें गोसेवक व गोरक्षक संतों का सहयोग दे रहे हैं। यह अभियान 27 अक्टूबर तक चलेगा। यह अभियान गोमाता को राष्ट्रमाता का दर्जा देने के लिए शुरू किया गया है। इसको लेकर हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है। अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस पहल के लिए किसी भी प्रकार का दान या चंदा स्वीकार नहीं किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से देशभर में गो संरक्षण, संस्कृति संवर्धन और जनजागरूकता को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
