हनुमानगढ़। ग्राम पंचायत डबलीवास पेमा चैना स्थित 16 जेआरके की कल्याण भूमि में मार्च माह के प्रथम रविवार को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए फलदार पौधों का सामूहिक रोपण किया गया। यह कार्यक्रम संत संत गणेशा राम गोलूवाला एवं साध्वी रत्न दास के सानिध्य में संपन्न हुआ, जिसमें ग्रामीणों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान संतों ने वर्तमान समय में लगातार बिगड़ते पर्यावरण पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि यदि धरती पर जीवन, हरियाली और प्राकृतिक सौंदर्य को बचाना है तो प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाना होगा। प्रकृति से प्रेम और उसका संरक्षण ही मानव जीवन के भविष्य की सुरक्षा कर सकता है।

संतों ने कहा कि पेड़-पौधे केवल पर्यावरण को शुद्ध नहीं करते, बल्कि मानव जीवन को संतुलित, स्वस्थ और सुखद भी बनाते हैं। इस अवसर पर साध्वी संत रत्न दास के पिता रामकुमार वर्मा एवं भाई राजेश वर्मा ने संतों के वचनों को आत्मसात करते हुए कल्याण भूमि में पंजाब किस्म की उत्तम गुणवत्ता वाले लगभग 35 फलदार पौधों का रोपण करवाया। इनमें किन्नू, सुपारी, चंदन, रुद्राक्ष, अमरूद, चीकू, ड्रैगन फ्रूट, पाइनएप्पल बेरी, विभिन्न वनस्पतियां, आड़ू एवं बड़ा जामुन जैसे उपयोगी एवं दीर्घकालीन लाभ देने वाले पौधे शामिल थे। ये सभी पौधे मौजगढ़, पंजाब की प्रसिद्ध नर्सरी से मंगवाए गए, ताकि पौधों की गुणवत्ता एवं भविष्य में बेहतर उत्पादन सुनिश्चित किया जा सके। संतों ने पौधारोपण के साथ-साथ पौधों के संरक्षण और नियमित देखभाल पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि केवल पौधा लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका पालन-पोषण करना भी उतना ही आवश्यक है। जब तक लगाए गए पौधे सुरक्षित नहीं रहेंगे और विकसित नहीं होंगे, तब तक पर्यावरण सुधार का उद्देश्य पूर्ण नहीं हो सकता। उन्होंने प्रत्येक व्यक्ति से अपने जीवन में कम से कम एक या दो पौधे लगाने और उन्हें परिवार के सदस्य की तरह संभालने का आह्वान किया। सामाजिक कार्यकर्ता अनिल सुथार ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रीष्मकाल की शुरुआत में संतों द्वारा किया गया यह पौधारोपण कार्यक्रम समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि संतों ने अपने आचरण और संदेश के माध्यम से यह सिद्ध किया है कि पर्यावरण संरक्षण केवल भाषणों से नहीं, बल्कि व्यवहारिक कार्यों से संभव है। इस प्रकार की पहल से समाज में जागरूकता बढ़ती है और आने वाली पीढ़ियों को भी प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम में रामबाग सेवा समिति के अध्यक्ष डॉ. सोहन लाल सुथार, सचिव बद्रीराम कालवा, संरक्षक डूंगर राम कालवा सहित अनेक गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर पौधों की देखरेख एवं संरक्षण का संकल्प लिया।

उपस्थित ग्रामीणों ने संतों के संदेश की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे पर्यावरणीय कार्यक्रमों को निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। अंत में रामबाग सेवा समिति 16 जेआरके डबलीवास चेना की ओर से संत गणेशा राम गोलूवाला एवं साध्वी रत्न दास का आभार व्यक्त किया गया। समिति पदाधिकारियों ने कहा कि संतों का मार्गदर्शन एवं आशीर्वाद समाज को सही दिशा दिखाने वाला है। यह पौधारोपण कार्यक्रम न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि सामाजिक एकता और सामूहिक जिम्मेदारी का भी सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस तरह ग्राम पंचायत डबलीवास पेमा चैना की कल्याण भूमि में आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण बचाने की सोच को जमीनी स्तर पर मजबूत करने वाला साबित हुआ, जो निश्चित रूप से आने वाले समय में हरियाली और सौंदर्य में वृद्धि करेगा।

