हनुमानगढ़। शहर में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों के अवैध वाणिज्यिक उपयोग के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो प्रतिष्ठानों से 14 सिलेंडर जब्त किए हैं। यह कार्रवाई हनुमानगढ़ टाउन के फतेहगढ़ मोड़ स्थित गुरु नानक स्वीट और न्यू गुरु नानक स्वीट्स पर की गई, जहां घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक कार्यों में इस्तेमाल पाया गया। जिला रसद अधिकारी (डीएसओ) सुनील घोड़ेला के नेतृत्व में गठित टीम ने दोनों प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि घरेलू उपयोग के लिए निर्धारित एलपीजी सिलेंडरों को नियमों के विरुद्ध वाणिज्यिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा था। इस पर टीम ने मौके पर ही कार्रवाई करते हुए कुल 14 घरेलू गैस सिलेंडरों को जब्त कर लिया। डीएसओ सुनील घोड़ेला ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग करना नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। सरकार द्वारा घरेलू सिलेंडरों पर सब्सिडी दी जाती है और उनका उपयोग केवल घरेलू जरूरतों के लिए ही किया जा सकता है।

इन्हें होटलों, ढाबों, मिठाई की दुकानों या अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल करना गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों के अवैध भंडारण, वाणिज्यिक उपयोग, रीफिलिंग गतिविधियों और कालाबाजारी पर प्रशासन की कड़ी नजर है। इसके लिए नियमित रूप से निरीक्षण अभियान चलाए जा रहे हैं और जहां भी नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीएसओ ने बताया कि इस तरह के मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 तथा द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (आपूर्ति का विनियमन एवं वितरण) आदेश, 2000 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है। इन कानूनों के तहत दोषी पाए जाने पर जुर्माना, लाइसेंस निरस्तीकरण और अन्य दंडात्मक कार्रवाई भी संभव है। उन्होंने व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की कि वे गैस सिलेंडरों के उपयोग से संबंधित नियमों का पालन करें और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि से दूर रहें। साथ ही यदि कहीं घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध उपयोग या कालाबाजारी की जानकारी मिले तो प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके। इस कार्रवाई के दौरान प्रवर्तन निरीक्षक पुरुषोत्तम, प्रवर्तन निरीक्षक मनीष सिंगल तथा सूचना सहायक सुखदेव सिंह सहित विभागीय टीम के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में इस तरह के निरीक्षण और कार्रवाई आगे भी जारी रहेंगे, ताकि गैस सिलेंडरों के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
