हनुमानगढ़। आगामी दिनों में बारिश की संभावना के बीच मंगलवार सुबह जिले के अधिकतर इलाकों में घना कोहरा छाया रहा। सुबह के समय दृश्यता काफी कम हो जाने के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ। कोहरे का सबसे ज्यादा असर सड़क यातायात पर देखने को मिला, जहां कई स्थानों पर वाहन चालकों को धीमी गति से चलना पड़ा। वहीं रेल यातायात भी कोहरे की चपेट में रहा, जिससे कुछ ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ा और यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। हालांकि सुबह कुछ घंटों बाद जैसे ही कोहरा छंटा, धूप निकलने से लोगों को राहत मिली और जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य होने लगा। इसके बावजूद पूरे दिन आसमान में बादलों का डेरा बना रहा, जिससे मौसम में ठंडक बनी रही। मौसम विभाग के अनुसार 22-23 जनवरी को एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ राजस्थान को प्रभावित करेगा। यह मौसम प्रणाली उत्तर भारत की ओर बढ़ रही है, जिसका मुख्य असर राजस्थान के कई जिलों में देखने को मिलेगा। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, जिसे स्थानीय भाषा में मावठ कहा जाता है, होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान आसमान में घने बादल छाए रहेंगे और धूप के दर्शन कम ही होंगे। मौसम विभाग के अनुसार बारिश और बादलों के कारण दिन और रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। बारिश के बाद उत्तर-पश्चिमी दिशा से ठंडी हवाएं चलने लगेंगी, जिससे प्रदेश में ठिठुरन बढ़ेगी और सर्दी का असर और तेज महसूस किया जाएगा। खासतौर पर 24-25 जनवरी से रातें अधिक ठंडी होने की संभावना है। कृषि के लिहाज से यह बारिश रबी फसलों के लिए काफी फायदेमंद मानी जा रही है। गेहूं, सरसों, चना सहित अन्य रबी फसलों को इससे अच्छा लाभ मिलेगा और मिट्टी में नमी बढ़ेगी। कुल मिलाकर यह पश्चिमी विक्षोभ कमजोर नहीं है और इसके असर से राजस्थान में बारिश के साथ ठंड का एक नया दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम में इस बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और ठंड से बचाव के उपाय करने की सलाह दी गई है।
