नई दिल्ली। NEET पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना मंगलवार को 32वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने ऐलान किया कि अब उनकी ओर से कोई प्रतिनिधिमंडल सरकार से बातचीत के लिए नहीं जाएगा। यदि सरकार संवाद चाहती है तो उसे जंतर-मंतर आकर प्रदर्शनकारियों से बात करनी होगी।
दीपके ने संसद मार्च के दौरान घायल हुए प्रदर्शनकारियों से माफी मांगते हुए कहा कि जिन्हें कानूनी सहायता की आवश्यकता है, वे उनकी टीम से संपर्क करें। संगठन की ओर से हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बातचीत के नाम पर उनके प्रतिनिधियों का समय बर्बाद किया। उनके अनुसार, आशुतोष रांका और सौरव दास को बातचीत के लिए बुलाकर उनके मोबाइल जब्त कर लिए गए और घंटों तक रोके रखा गया, ताकि आंदोलन की टीम को बिखेरा जा सके। दीपके ने कहा कि एक ओर सरकार बातचीत का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर छात्रों पर लाठीचार्ज कराया गया। हालांकि, इन आरोपों पर केंद्र सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया। इसके बाद दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर प्रस्तावित धरना भी समाप्त कर दिया गया। CJP सदस्य सौरव दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी देते हुए समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की।
उधर, CJP ने संसद मार्च के दौरान बर्गर खाने को लेकर विवादों में आए विजेता दाहिया को प्रवक्ता पद से हटा दिया है। इसके बाद दाहिया ने वीडियो जारी कर कहा कि यदि किसी को भूख लगेगी तो वह खाना जरूर खाएगा।
मंगलवार को जंतर-मंतर पहुंचे कई विपक्षी नेताओं ने आंदोलनकारियों से मुलाकात कर समर्थन व्यक्त किया। इनमें उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, शरद पवार, सुप्रिया सुले, अरविंद केजरीवाल और संजय सिंह प्रमुख रहे। शाम तक धरनास्थल पर प्रदर्शनकारियों की संख्या फिर बढ़ गई। संसद मार्च के दौरान घायल हुए कई छात्र भी धरने में शामिल हुए।

सोनम वांगचुक का अनशन जारी, मेदांता अस्पताल में भर्ती
दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर सुशीला कटारिया की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है। चिकित्सकों के अनुसार, उनमें खून की कमी के लक्षण हैं। इसके बावजूद उनका अनशन मंगलवार को 24वें दिन भी जारी रहा।
पुलिस ने पेलेट गन के आरोपों को बताया भ्रामक
संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन चलाने के CJP के आरोपों को दिल्ली पुलिस ने खारिज कर दिया। CJP प्रवक्ता सौरव दास ने X पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया था कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया। इसके जवाब में दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि पेलेट गन के इस्तेमाल संबंधी दावे पूरी तरह गलत और भ्रामक हैं।
186 घायल पहुंचे अस्पताल
दिल्ली पुलिस के अनुसार, मंगलवार सुबह तक राम मनोहर लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में 186 घायल लाए गए, जिनमें 89 पुलिसकर्मी शामिल थे। 96 लोगों का प्लास्टर और टांके लगाए गए, जबकि एक को छोड़कर बाकी सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
पीएम मोदी ने पेपर लीक पर कही यह बात
इधर, एनडीए संसदीय दल की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पेपर लीक जैसे मामलों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।
