हनुमानगढ़। आगामी जनगणना-2027 को सुचारू, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को उपखंड अधिकारियों एवं चार्ज अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम और समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनगणना कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक को संबोधित करते हुए जिला कलेक्टर ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसे पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ संपन्न किया जाना चाहिए। उन्होंने 1 मई से 15 मई 2026 तक प्रस्तावित ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ प्रक्रिया को अधिकाधिक बढ़ावा देने पर जोर देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आमजन को इसके लिए जागरूक करें और पोर्टल के माध्यम से स्वयं डेटा दर्ज करने के लिए प्रेरित करें, ताकि आंकड़ों की सटीकता और गति सुनिश्चित हो सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना निदेशालय जयपुर के सहायक निदेशक कल्पेश गुप्ता ने अधिकारियों को जनगणना पोर्टल के उपयोग, डेटा एंट्री की मॉनिटरिंग तथा फील्ड स्तर पर आने वाली तकनीकी समस्याओं के समाधान के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। बैठक के अंत में उप जिला जनगणना अधिकारी डॉ. ममता बिश्नोई ने सभी अधिकारियों को कहा कि वे अपने क्षेत्रों में जनगणना की तैयारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करें। इस अवसर पर जिले के सभी उपखंड अधिकारी, चार्ज अधिकारी तथा जनगणना कार्य से जुड़े संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
— नागरिक स्वयं भर सकेंगे विवरण
जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने बताया कि इस बार जनगणना प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण डिजिटल पहल के रूप में “स्व-गणना (सेल्फ इनुमेरेशन)” का विकल्प भी शामिल किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं ऑनलाइन अपनी जनगणना विवरणी भर सकेंगे। इस प्रक्रिया के तहत निवासी अपने परिवार से संबंधित जानकारी स्वयं ऑनलाइन पोर्टल https://se.census.gov.in पर दर्ज कर सकते हैं। यह पोर्टल 1 मई, 2026 से 15 मई, 2026 तक, प्रगणक के घर-घर सर्वे से 15 दिन पूर्व सक्रिय रहेगा। पूरी प्रक्रिया लगभग 15 से 20 मिनट में पूर्ण हो जाती है तथा सफल सबमिशन के बाद “H” से शुरू होने वाली 11 अंकों की विशिष्ट SE ID जारी की जाती है।
— पंजीकरण एवं प्रक्रिया: सरल चरणों में पूरी होगी स्व-गणना
स्व-गणना के लिए नागरिकों को पोर्टल पर राज्य का चयन कर कैप्चा भरते हुए लॉगिन करना होगा। इसके बाद परिवार के मुखिया का नाम, मोबाइल नंबर (प्रति परिवार एक) और वैकल्पिक ईमेल दर्ज करना अनिवार्य होगा। भाषा चयन के बाद ओटीपी सत्यापन किया जाएगा। आगे की प्रक्रिया में नागरिकों को अपने निवास का विवरण भरते हुए डिजिटल मानचित्र पर घर का सटीक स्थान चिन्हित करना होगा। इसके पश्चात निर्धारित प्रश्नावली भरकर “Preview” के माध्यम से जानकारी की जांच की जा सकती है तथा अंतिम रूप से “Confirm & Submit” करने पर डेटा लॉक हो जाएगा।
— सत्यापन एवं सावधानिया: SE ID सुरक्षित रखना आवश्यक
अंतिम सबमिशन के पश्चात प्राप्त SE ID को सुरक्षित रखना अनिवार्य है, जिसे एसएमएस अथवा ईमेल के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है। जनगणना प्रगणक के घर आने पर नागरिकों को यह SE ID प्रस्तुत करनी होगी, जिससे डेटा का सत्यापन किया जाएगा। यदि SE ID का मिलान नहीं होता है, तो प्रगणक द्वारा पुनः जानकारी एकत्र की जाएगी। निर्धारित अंतिम तिथि से पूर्व जानकारी सबमिट करना आवश्यक है, अन्यथा स्व-गणना पूर्ण नहीं मानी जाएगी।
