हनुमानगढ़। चारों लेबर कोड रद्द करने व मनरेगा का काम शुरू करने सहित किसानों और मजदूरों से जुड़ी कुल 21 सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को जिला कलक्ट्रेट के गेट के समक्ष आक्रोश सभा हुई। भारतीय ट्रेड यूनियन (सीटू), अखिल भारतीय किसान सभा और राजस्थान खेत एवं ग्रामीण मजदूर यूनियन के बैनर तले हुई आक्रोश सभा को पूर्व विधायक बलवान पूनिया, मंगेज चौधरी, रामेश्वर वर्मा, रघुवीर वर्मा, शेर सिंह, आत्मासिंह, जगजीत सिंह जग्गी, चन्द्रकला वर्मा, कमला मेघवाल, मनीराम मेघवाल, चरणप्रीत बराड़, मोहन लोहरा, सुरेन्द्र शर्मा, गोपाल बिश्नोई, बसंत सिंह, बलदेव सिंह, देवीलाल व हनुमान प्रसाद सहित अन्य वक्ताओं ने संबोधित किया।

वक्ताओं ने कहा कि पाला पड़ने से पूरे जिले में कई किसानों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। बीमा क्लेम बकाया पड़ा है। किसी भी नहर में पानी नहीं है। नकली यूरिया-डीएपी और नकली बीज की बिक्री किसान को की जा रही है।






किसान को कड़ाके की ठंड में यूरिया खाद के लिए लम्बी कतार में खड़ा रहना पड़ रहा है। केन्द्र सरकार मजदूरों के खिलाफ चार लेबर कोड लेकर आई है। पूरे जिले में मनरेगा कार्य बंद पड़ा है। गांवों में पीने का पानी नहीं है। जिले की हालात बहुत दयनीय है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक जिला कलक्टर की ओर से उनकी 21 सूत्री मांगों के संबंध में कोई ठोस बातचीत नहीं की जाती तब तक जिला कलक्ट्रेट के समक्ष डटे रहेंगे।

मांग पत्र के जरिए मजदूर विरोधी चार लेबर कोड बिल वापस लेने, जिले में गेहूं की खरीद एफसीआई से करवाने, बन्द पड़े मनरेगा कार्य को तुरन्त शुरू करने व वीबी जीरामजी बिल वापस लेने, फसल बीमा क्लेम की बकाया रकम किसानों के खाते में स्थानांतरित करने, स्पिनिंग मिल शुरू करवाने, स्मार्ट मीटर पर रोक लगाने, भूमिहीनों को जमीन देने, राठीखेडा में प्रस्तावित एथेनॉल फैक्ट्री बन्द करने व किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, इन्दिरा गांधी नहर में बन्दी नहीं लेने आदि की मांग की।
