झांसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को झांसी के आयुक्त सभागार में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने वित्तीय वर्ष 2026-27 की नई कार्ययोजना को लेकर झांसी, ललितपुर और जालौन के जनप्रतिनिधियों के साथ विकास प्रस्तावों पर विस्तृत मंथन किया। मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पीडब्ल्यूडी की सड़कों को नुकसान पहुंचाने या अवैध रूप से तोड़ने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों से नियमानुसार पूरी क्षतिपूर्ति वसूली जाएगी और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करते हुए जेल भेजने तक की कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान प्रमुख सचिव पीडब्ल्यूडी अजय कुमार ने मंडल की नई कार्ययोजना की जानकारी दी। झांसी मंडल के तीनों जिलों से करीब 7,000 करोड़ रुपये की लागत वाली नई विकास परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इनमें अकेले झांसी जिले के लिए 3,774.34 करोड़ रुपये की लागत के 450 प्रस्ताव शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जनप्रतिनिधियों के सुझावों को प्राथमिकता के आधार पर संकलित कर शीघ्र शासन को भेजा जाए, ताकि बजट स्वीकृत होने के बाद समयबद्ध तरीके से कार्य शुरू कराए जा सकें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुंदेलखंड के विकास को नई दिशा देने के लिए सौर और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि विकास की पहली और सबसे बड़ी आवश्यकता भूमि होती है और बुंदेलखंड के पास पर्याप्त लैंड बैंक उपलब्ध है। ऐसे में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को बड़े स्तर पर सौर ऊर्जा और रिन्यूएबल एनर्जी परियोजनाओं के प्रस्ताव तैयार करने चाहिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेहतर कानून-व्यवस्था और विकास के कारण निवेशकों का विश्वास बढ़ा है, जिससे क्षेत्र के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। मुख्यमंत्री ने पिछले वित्तीय वर्ष में स्वीकृत परियोजनाओं की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष झांसी मंडल में 2,400 करोड़ रुपये की लागत से 1,500 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी, जिनमें से 940 कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि शेष परियोजनाओं पर काम जारी है। कुछ परियोजनाओं में टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और बजट उपलब्ध होने के बावजूद काम शुरू नहीं होने पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताई। उन्होंने लापरवाह निर्माण एजेंसियों और ठेकेदारों को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क और पुल निर्माण में जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकताओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत ग्रामीण सड़कों, राज्य राजमार्गों, बड़े और छोटे पुलों, रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी), अंडरपास (आरयूबी), धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों, शहरी फ्लाईओवर तथा सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों के प्रस्तावों पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी या सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही, सभी परियोजनाओं के भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रमों में स्थानीय सांसदों और विधायकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। बैठक में झांसी-ललितपुर के सांसद अनुराग शर्मा, राज्यमंत्री मनोहर लाल पंत उर्फ मन्नू कोरी, झांसी के महापौर बिहारी लाल आर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष पवन गौतम, विधायक रवि शर्मा, राजीव सिंह पारीछा, डॉ. रश्मि आर्य, जवाहर लाल राजपूत, रामरतन कुशवाहा, मूलचन्द्र, गौरीशंकर वर्मा तथा विधान परिषद सदस्य बाबूलाल तिवारी, रामतीर्थ सिंघल और रमा निरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
