हनुमानगढ़। टाउन शहर की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल टिब्बी रोड इन दिनों अव्यवस्थित डिवाइडर निर्माण कार्य के कारण खतरे का पर्याय बन गई है। अधूरे निर्माण, अव्यवस्था और लापरवाही के चलते यहां आए दिन हादसे हो रहे हैं। शुक्रवार देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यापारी की मौत के बाद स्थानीय व्यापारियों और आमजन में भारी आक्रोश फैल गया है। दिलीप सिंह ढिल्लों, सचिव, फूडग्रेन मर्चंट्स एसोसिएशन संस्था और व्यापारी सन्नी जुनेजा ने बताया कि सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से करवाया जा रहा डिवाइडर निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है, जिससे लोगों को लंबे समय से परेशानी झेलनी पड़ रही है। यह मार्ग न केवल शहर की मुख्य सड़क है, बल्कि बाइपास के रूप में हरियाणा से आने-जाने वाले वाहनों का प्रमुख मार्ग भी है। इसके अलावा इसी रोड पर कई निजी व सरकारी स्कूल, अनाज मंडी मार्ग तथा पास ही जिला चिकित्सालय स्थित होने से दिनभर यातायात का भारी दबाव बना रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं। सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण के कारण रास्ता पहले ही संकरा हो चुका है, वहीं निर्माण के चलते कभी एक साइड तो कभी दूसरी साइड बंद कर दी जाती है।

ऐसे में वाहन चालकों को यह समझ नहीं आता कि किस दिशा से गुजरें, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। स्थिति यह है कि न तो मौके पर पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था है और न ही चेतावनी संकेतक लगाए गए हैं। जगह-जगह निर्माण सामग्री के ढेर लगे हुए हैं, जबकि सड़क के बीच और किनारों पर भारी वाहन खड़े रहते हैं। इन सब कारणों से यह मार्ग दुर्घटनाओं का हॉटस्पॉट बन गया है। इसी अव्यवस्था के चलते शुक्रवार रात टिब्बी रोड पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। व्यापारी राजेंद्र मेहता स्कूटी पर जा रहे थे, तभी पीछे से आए ट्रक की चपेट में आने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद व्यापारियों और आमजन में भारी रोष व्याप्त है। लोगों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। उन्होंने मांग की है कि डिवाइडर निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा किया जाए तथा सड़क के दोनों ओर हुए अतिक्रमण को हटाया जाए। व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
क्या कहते हैं एक्सईएन
पीडब्ल्यूडी एक्सईएन अनिल अग्रवाल के अनुसार पीडब्ल्यूडी ने अपना कार्य पूर्ण कर दिया है। स्ट्रीट लाइट लगवाने सहित अन्य कार्य नगर परिषद का है। जहां तक अतिक्रमण हटवाने की बात है तो यह कार्य भी नगर परिषद व पुलिस का है।
