-रात में चकाचौंध बन रही खतरा, हनुमानगढ़ में बसों की अतिरिक्त एलईडी लाइटों पर पुलिस का एक्शन
हनुमानगढ़। जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए निजी बसों में लगाई जा रही अनावश्यक और तेज रोशनी वाली एलईडी लाइटों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया है। शनिवार देर रात 14 मार्च को यातायात पुलिस द्वारा शहर के विभिन्न मार्गों पर की गई कार्रवाई के दौरान करीब एक दर्जन निजी बसों के चालान किए गए। पुलिस ने इन बसों में नियमों के विरुद्ध लगी अतिरिक्त एलईडी और हाई पावर लाइटों को दुर्घटना का संभावित कारण मानते हुए कार्रवाई की है। यह अभियान जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर यादव के निर्देशानुसार चलाया गया।

यातायात थाना प्रभारी अनिल चिन्दा के नेतृत्व में यातायात पुलिस टीम ने शहर के प्रमुख मार्गों और बसों के आवागमन वाले क्षेत्रों में देर रात तक जांच अभियान चलाया। इस दौरान विशेष रूप से लोक परिवहन और स्लीपर कोच बसों की जांच की गई। जांच के दौरान कई बसों में मानकों के विपरीत अत्यधिक तेज रोशनी देने वाली एलईडी लाइटें और एक्स्ट्रा हाई पावर लाइटें लगी हुई पाई गईं। यातायात पुलिस के अनुसार इन लाइटों का उपयोग नियमों के विपरीत है और रात्रि के समय सड़क पर चलने वाले अन्य वाहन चालकों के लिए गंभीर परेशानी का कारण बन सकता है। सामने से आने वाले वाहन चालकों की आंखों पर जब तेज रोशनी पड़ती है तो कुछ क्षणों के लिए उन्हें सड़क दिखाई देना बंद हो जाता है, जिससे दुर्घटना की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। पुलिस टीम ने मौके पर ही मोटर वाहन अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत बस चालकों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की।

इसके साथ ही बस चालकों और संचालकों को कड़ी चेतावनी देते हुए निर्देश दिए गए कि वे अपने वाहनों में लगी अनावश्यक और तेज रोशनी वाली एलईडी लाइटों को 24 घंटे के भीतर हटा लें। यदि निर्धारित समय के बाद भी इन बसों में अतिरिक्त लाइटें पाई जाती हैं तो संबंधित वाहन चालक और संचालक के खिलाफ और सख्त कार्रवाई की जाएगी। यातायात थाना प्रभारी अनिल चिन्दा ने बताया कि पिछले कुछ समय से यह देखने में आ रहा था कि कई बस संचालक अपने वाहनों को आकर्षक दिखाने या ज्यादा रोशनी के लिए अतिरिक्त एलईडी और हाई पावर लाइटें लगा लेते हैं। हालांकि यह प्रवृत्ति सड़क सुरक्षा के लिए खतरनाक साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि रात के समय इन तेज लाइटों की वजह से सामने से आने वाले वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है और कई बार उन्हें कुछ समय के लिए सड़क दिखाई देना बंद हो जाता है, जिससे दुर्घटनाएं होने की संभावना बढ़ जाती है।

उन्होंने आगे बताया कि सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यातायात पुलिस द्वारा यह विशेष अभियान चलाया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और वाहन चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना है। पुलिस का प्रयास है कि सड़क पर चलने वाले हर व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। यातायात पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहनों में केवल निर्धारित मानकों के अनुरूप ही लाइटों का उपयोग किया जा सकता है। किसी भी वाहन में अतिरिक्त या अत्यधिक तेज रोशनी देने वाली लाइटों का प्रयोग नियमों का उल्लंघन माना जाता है और इसके लिए चालान की कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही पुलिस ने वाहन चालकों को हाई बीम के उपयोग को लेकर भी सावधान किया है।

यातायात नियमों के अनुसार शहर के अंदर या भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में वाहन को हमेशा लो बीम पर चलाया जाना चाहिए। हाई बीम का उपयोग केवल आवश्यक परिस्थितियों में ही किया जाना चाहिए, ताकि सामने से आने वाले वाहन चालकों को असुविधा न हो। अभियान के दौरान बस चालकों को समझाइश भी दी गई कि शहर में प्रवेश करते ही अपने वाहन की लाइट को लो बीम पर रखें और अनावश्यक एलईडी लाइटों का प्रयोग बिल्कुल न करें। पुलिस ने बस संचालकों से कहा कि वे अपने वाहनों में केवल मानक के अनुरूप ही लाइटों का उपयोग करें और सड़क सुरक्षा नियमों का पूर्ण रूप से पालन करें। यातायात पुलिस ने यह भी चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी बस या अन्य वाहन में नियमों के विरुद्ध अतिरिक्त लाइटें लगी हुई पाई जाती हैं तो संबंधित वाहन चालक और संचालक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस का कहना है कि सड़क सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने सभी वाहन चालकों और बस संचालकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें। पुलिस के अनुसार सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक की भी जिम्मेदारी है। यदि सभी लोग नियमों का पालन करें तो सड़क दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।
