हनुमानगढ़। राजस्थान शिक्षक संघ (अंबेडकर) जिला शाखा हनुमानगढ़ का जिला अधिवेशन एवं चुनाव कार्यक्रम गुरुवार को गुरु श्री रविदास महाराज गुरुघर, हनुमानगढ़ जंक्शन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम दो सत्रों में सम्पन्न हुआ, जिसमें शिक्षा, शिक्षक एवं शिक्षार्थियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई।अधिवेशन के प्रथम सत्र में पूनमचंद साँखला (नोहर), राधेश्याम मेहरा (भादरा), आदेश तालनिया (पल्लू), युधिष्ठिर सिंह (संगरिया), राम सिंह मोलिया (रावतसर), रूपराम लूणा (हनुमानगढ़) और राजेंद्र चौहान (टिब्बी) सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए। जिलाध्यक्ष दीपक बारोटिया ने शिक्षकों पर बढ़ते गैर-शैक्षणिक कार्यों को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों को विद्यालयों से दूर रखकर मल्टीपर्पज वर्कर बनाया जा रहा है, जिससे सरकारी विद्यालयों में लर्निंग गैप बढ़ रहा है और इसका असर नामांकन पर भी पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि आरटीई पुनर्भरण राशि केवल उन निजी विद्यालयों को दी जाए जहां सरकारी विद्यालय उपलब्ध नहीं हैं। प्रदेशाध्यक्ष कृष्ण बारूपाल ने संगठन की प्रमुख मांगों को रखते हुए कहा कि 10 जून 2026 तक मांगें पूरी नहीं होने पर निदेशालय बीकानेर में धरना दिया जाएगा। प्रमुख मांगों में ग्रीष्मावकाश 30 जून तक पूर्ववत रखने, संस्था प्रधान के विवेकाधीन अवकाश पुनः दो दिन करने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पारदर्शी स्थानांतरण, लंबित डीपीसी, छात्रवृत्ति राशि में वृद्धि, शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त करने तथा पंचायत शिक्षकों को स्थायी करने जैसी मांगें शामिल रहीं। दूसरे सत्र में जिला कोषाध्यक्ष प्रेमाराम मेहरड़ा ने आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया, जबकि जिला मंत्री राकेश सकरवाल ने प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। चुनाव अधिकारी रणवीर सिंह बामनिया ने चुनाव प्रक्रिया सम्पन्न करवाई। चुनाव में सर्वसम्मति से मोहनलाल जिनागल को संरक्षक, दीपक बारोटिया को जिलाध्यक्ष, राकेश सकरवाल को जिलामंत्री, प्रेमाराम मेहरड़ा को जिला कोषाध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर निर्विरोध निर्वाचित किया गया। विशेष बात यह रही कि दीपक बारोटिया को लगातार तीसरी बार जिलाध्यक्ष का दायित्व मिला है, जबकि यह उनका कुल छठा कार्यकाल होगा। कार्यक्रम के अंत में निर्वाचित पदाधिकारियों को संगठन हित में कार्य करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन धनराज लोहिया ने किया। इस अवसर पर जिले की विभिन्न उपशाखाओं के पदाधिकारी एवं सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
