चारणवासी। क्षेत्र में लगातार गहराते जल संकट के बीच नोहर फीडर में पानी की बेहद कम आवक को लेकर सिंचाई विभाग सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में गुरुवार को विभाग की एक उच्च स्तरीय टीम पड़ोसी राज्य हरियाणा पहुंची और वहां संबंधित अधिकारियों से वार्ता कर पानी की आवक बढ़वाने में सफलता हासिल की। इस पहल के बाद नोहर फीडर में पानी का प्रवाह 60 क्यूसेक से बढ़ाकर 90 क्यूसेक कर दिया गया है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार, पिछले कुछ समय से नोहर फीडर में पानी की आवक काफी कम हो गई थी। इससे क्षेत्र में पेयजल संकट के साथ-साथ सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी। किसानों और ग्रामीणों की बढ़ती चिंता को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने तुरंत पहल करते हुए हरियाणा के नहराना हेड का दौरा करने का निर्णय लिया। गुरुवार को अधिशाषी अभियंता राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में एक टीम हरियाणा पहुंची। इस टीम में सहायक अभियंता (एईएन) मनदीप सिंह धारीवाल, रविशंकर सहित अन्य अधिकारी शामिल थे। टीम ने मौके पर जाकर नहराना हेड का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध पानी की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि रेगुलेशन में आई भारी कमी के कारण राजस्थान के हिस्से का पानी काफी कम हो गया था, जिससे नोहर फीडर में जल आपूर्ति पर गंभीर असर पड़ा है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान के अधिकारियों ने सिरसा डिवीजन के अधिशाषी अभियंता संदीप माथुर से विस्तृत चर्चा की। वार्ता के दौरान राजस्थान की टीम ने बताया कि वर्तमान में की जा रही पानी की कटौती अभूतपूर्व है, जिसके कारण नोहर फीडर का पूरा सिंचाई रेगुलेशन प्रभावित हो गया है। इससे कई गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने हरियाणा के समकक्ष अधिकारियों से आग्रह किया कि नोहर फीडर को कम से कम 100 क्यूसेक से अधिक पानी उपलब्ध कराया जाए ताकि क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था को सामान्य किया जा सके। राजस्थान के अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत तथ्यों और क्षेत्र की गंभीर स्थिति को देखते हुए सिरसा के सिंचाई अधिकारियों ने सकारात्मक रुख अपनाया। वार्ता के बाद सिरसा डिवीजन के अधिशाषी अभियंता संदीप माथुर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए नोहर फीडर के प्रवाह को 60 क्यूसेक से बढ़ाकर 90 क्यूसेक करने के आदेश जारी कर दिए। इस निर्णय के बाद क्षेत्र में जल आपूर्ति में कुछ हद तक सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। साथ ही हरियाणा के अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया है कि जैसे ही फतेहाबाद ब्रांच में पानी की आवक में और सुधार होगा, नोहर फीडर को प्राथमिकता के आधार पर और अधिक पानी उपलब्ध कराया जाएगा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस बढ़ोतरी से क्षेत्र में पेयजल संकट को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा और किसानों को भी राहत मिलेगी।
