गोलूवाला। गोलूवाला थाना क्षेत्र में पुलिस द्वारा कथित रूप से की जा रही ज्यादतियों, नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों के हनन और लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने के विरोध में क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने शुक्रवार को एक आपात बैठक आयोजित की। ‘संघर्ष समिति, गोलूवाला’ के बैनर तले आयोजित इस बैठक में पुलिस प्रशासन के रवैये पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कड़े शब्दों में निंदा की गई तथा आगामी 16 मार्च को हनुमानगढ़ स्थित पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के घेराव का निर्णय लिया गया। बैठक में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि गोलूवाला पुलिस क्षेत्र में बढ़ती समस्याओं को लेकर पीड़ितों की सुनवाई करने में असफल साबित हो रही है। उनका कहना था कि थाने में शिकायत लेकर पहुंचने वाले नागरिकों तथा शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वाले आंदोलनकारी कार्यकर्ताओं के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार और दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। वक्ताओं ने कहा कि कई मामलों में पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज नहीं करने और विरोध करने वालों को प्रताड़ित करने की शिकायतें सामने आ रही हैं, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध का अधिकार देता है, लेकिन गोलूवाला थाना क्षेत्र में इन अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि आमजन की शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और संबंधित मामलों में निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। संघर्ष समिति ने बैठक के दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लेते हुए कहा कि यदि पुलिस प्रशासन ने अपने रवैये में सुधार नहीं किया और संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को व्यापक रूप दिया जाएगा। इसी क्रम में 16 मार्च को हनुमानगढ़ स्थित पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष बड़े स्तर पर प्रदर्शन और घेराव करने की घोषणा की गई है। समिति के पदाधिकारियों ने क्षेत्र के नागरिकों से बड़ी संख्या में इस आंदोलन में शामिल होकर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज़ बुलंद करने का आह्वान किया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं बल्कि व्यवस्था में सुधार और आमजन को न्याय दिलाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि स्थिति को गंभीरता से लेते हुए समय रहते समाधान निकाला जाए, ताकि अनावश्यक टकराव की स्थिति से बचा जा सके। बैठक में संघर्ष समिति के प्रमुख सदस्य जगदीश शर्मा (सरपंच प्रतिनिधि), सुभाष बोगियां कैंचियां, श्यामलाल (अनाज मंडी प्रधान), लक्ष्मण छींपा (श्रीकृष्ण गौशाला प्रधान), रतन आजाद (संस्थापक, नायक समाज संस्था), ओमप्रकाश चौपड़ा (भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष), प्रदीप बिश्नोई, राजू खुंडिया (सीटू यूनियन), विजय कसवां, सोनू साहू, कालू भाट, सुरेंद्र वर्मा, राजेश पूनिया, विजय धानक, लावली, धर्मवीर खुडिया, अनिल नायक और रामपाल नायक (डीवाईएफआई उप-तहसील अध्यक्ष) सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे। संघर्ष समिति ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पुलिस प्रशासन ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं किया तो यह आंदोलन आगे और व्यापक स्वरूप ले सकता है। समिति ने कहा कि 16 मार्च को प्रस्तावित घेराव पुलिसिया जुल्म के खिलाफ जनआक्रोश का प्रतीक होगा।
