हनुमानगढ़। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नवनीत शर्मा के निर्देशन पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्राम क्षेत्र में जनमानस को चिकित्सा सुविधा दे रही एक दुकान पर छापामारी की। निरीक्षण के दौरान दुकान का संचलाक आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता एवं वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद दुकान को बंद करवाकर ताला लगा दिया गया। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि संगरिया के वार्ड नं. 20 में नारायणदास मंगा पुत्र प्रेमचंद मंगा द्वारा क्षेत्र में बिना मान्यता एवं आवश्यक अनुमति के चिकित्सकीय गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। ऐसे में चिकित्सा विभाग से आरसीएचओ डॉ. सुनील विद्यार्थी एवं डीईओ जसविन्द्र बराड़ ने शुक्रवार देर शाम जांच की, तो वहां उपचार संबंधी गतिविधियों के संकेत मिले।

निरीक्षण में एक मेज, कुर्सी एवं अन्य सामग्री पाई गई। संचालक नारायणदास मंगा से चिकित्सकीय डिग्री एवं पंजीयन संबंधी दस्तावेज मांगे गए तो वह कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में संबंधित व्यक्ति ने बताया कि वह लंबे समय से लोगों का उपचार कर रहा है। टीम द्वारा परिसर की तलाशी लेने पर उससे आयुर्वेद की अश्वगंधा चूर्ण की चार शीशियां बरामद हुई। इसके अलावा दर्द, जुकाम एवं गले से संबंधित दवाएं शामिल थीं। हालांकि जांच के दौरान किसी प्रकार की प्रतिबंधित या नशीली दवा नहीं मिली। इसके अलावा बायोमेडिकल वेस्ट का भी सही से निस्तारण नहीं किया जा रहा था। डॉ. शर्मा ने बताया कि बिना वैध पंजीयन एवं चिकित्सकीय योग्यता के इलाज करना कानून का उल्लंघन है तथा इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है। प्रारंभिक जांच में अनियमितताएं पाए जाने के बाद प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है। प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि उपचार के लिए केवल पंजीकृत एवं अधिकृत चिकित्सकों से ही संपर्क करें तथा किसी भी संदिग्ध चिकित्सकीय गतिविधि की जानकारी विभाग को दें।
