हनुमानगढ़। जिले में फसल गिरदावरी में हो रही अनियमितताओं को लेकर भारतीय किसान संघ ने चिंता जताई है। संगठन ने मांग की है कि जिन किसानों की बोई गई फसल गिरदावरी रिकॉर्ड में गलत दर्ज हो गई है, उन्हें गेहूं-चना की बिक्री में तत्काल राहत प्रदान की जाए। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह सूड़ा ने बताया कि संगठन के पास लगातार ऐसे किसानों के फोन आ रहे हैं, जिनकी वास्तविक रूप से बोई गई गेहूं की फसल गिरदावरी रिकॉर्ड में किसी अन्य फसल के रूप में दर्ज दिखाई जा रही है। इस कारण किसानों को अपनी उपज बेचने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन गिरदावरी शुरू होने के बाद से इस तरह की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं। किसानों का आरोप है कि उन्होंने अपने खेतों में गेहूं बोया है, लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में दूसरी फसल दर्ज होने के कारण उनकी फसल मंडियों में नहीं तुल पा रही है, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। सूड़ा ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब गिरदावरी प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और सटीकता के साथ एक-एक बीघा स्तर पर की जा रही है, तो फिर ऐसी गलतियां कैसे हो रही हैं? यदि यह समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और विस्तृत जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि ऑनलाइन गिरदावरी में सुधार नहीं हो पा रहा है तो किसानों के हित में पुरानी ऑफलाइन प्रणाली को भी विकल्प के रूप में लागू करने पर विचार किया जाना चाहिए। भारतीय किसान संघ ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मिसमैच गिरदावरी वाले सभी किसानों की समस्या का त्वरित समाधान किया जाए तथा विशेष व्यवस्था बनाकर उनकी गेहूं-चना फसल की खरीद सुनिश्चित की जाए। साथ ही संगठन ने चेतावनी दी कि भविष्य में गिरदावरी कार्य में लापरवाही या धांधली करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि किसानों को इस प्रकार की समस्याओं का सामना दोबारा न करना पड़े।
