हनुमानगढ़। नोहर थाना पुलिस ने फिरौती मांगने और जान से मारने की धमकी देने के मामले में लंबे समय से वांछित आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी के कब्जे से एक विदेशी पिस्टल और जिंदा कारतूस भी बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ हरियाणा और राजस्थान में पहले से आर्म्स एक्ट व फिरौती के करीब 8 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि जिले में अपराधियों की धरपकड़ और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में नोहर थाना प्रभारी प्रशिक्षु आरपीएस राजेन्द्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी सुनील उर्फ डेला उर्फ डेलिया (30) पुत्र माडूराम उर्फ ओमप्रकाश निवासी जांडवाला सोतर पीएस फतेहाबाद सदर, हरियाणा, हाल वार्ड नम्बर एक, भादरा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक ग्लॉक पिस्टल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। आरोपी से मामले में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के संबंध में पूछताछ जारी है। उल्लेखनीय है कि 28 मार्च 2026 को नोहर की इन्द्रा कॉलोनी निवासी शहनवाज उर्फ सद्दाम पुत्र अहमद अमीर पठान ने पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि करीब तीन माह पूर्व वह अपने घर के बाहर बैठा था, तभी आकाश निगम और शिवा सिंह गुर्जर उसके पास आए और उसे अमर सिंह बुडानिया की हत्या करने के लिए कहा। मना करने पर दोनों ने उसके साथ मारपीट की और 50 लाख रुपए की फिरौती की मांग की। परिवादी के अनुसार आरोपियों ने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए तो उसे जान से मार दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि उनकी गैंग ने हथियार खरीद रखे हैं और वे हत्या जैसी वारदातों को अंजाम देने में सक्षम हैं। रिपोर्ट में गैंग के अन्य सदस्यों के रूप में अनिल उर्फ गुरु, मोनू और संदीप टोगसिया के नाम भी सामने आए थे।
पहले हो चुकी हैं गिरफ्तारियां
पुलिस ने जांच के दौरान इस मामले में शामिल मोनू पुत्र बलवान सिंह निवासी खचवाना, संदीप पुत्र जयसिंह निवासी वार्ड 4, फेफाना, अनिल उर्फ चोटिया उर्फ गुरु पुत्र महेन्द्र गोस्वामी निवासी सागड़ा, आकाश निगम पुत्र मुन्नालाल निवासी पूर्णपुरा, आगरा तथा शिवा उर्फ शिवा गुर्जर पुत्र नारायण सिंह निवासी लाडवापुरा, आगरा, उत्तर प्रदेश को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भिजवा दिया था। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रशिक्षु आरपीएस राजेन्द्र कुमार के साथ एएसआई बजरंगलाल एवं कांस्टेबल रामहरी शामिल रहे। पुलिस का कहना है कि गिरोह के नेटवर्क और अन्य आपराधिक गतिविधियों को लेकर गहन जांच की जा रही है तथा फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
