हनुमानगढ़। अखिल राजस्थान संयुक्त कर्मचारी महासंघ के प्रदेशव्यापी आह्वान पर जिले के सभी जिला एवं उपखंड कार्यालयों पर राजस्थान सरकार की ओर से पेश किए गए बजट के विरोध में कर्मचारियों ने बजट की प्रतियां जलाकर विरोध दर्ज करवाया। प्रदर्शन के दौरान जिला मंत्री रामनिवास ने कहा कि दो दिन पूर्व पेश किए गए बजट से कर्मचारियों को गहरी निराशा हाथ लगी है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से वेतन विसंगतियां दूर करने, संविदा कर्मियों को स्थायी करने, केन्द्र के अनुरूप वेतन-भत्ते लागू करने, समयबद्ध पदोन्नति का लाभ देने तथा स्थायी स्थानांतरण नीति बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन बजट में इन मांगों की अनदेखी की गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बजट में निजीकरण को बढ़ावा देने की दिशा में कदम उठाए हैं, जबकि महासंघ लगातार नए पद सृजित करने और सरकारी विभागों के निजीकरण पर रोक लगाने की मांग करता आ रहा है। रामनिवास ने कहा कि सरकारी स्कूलों के भवनों की मरम्मत के लिए की गई घोषणा आटे में नमक के समान है।

स्कूलों की जर्जर स्थिति को देखते हुए बड़े बजट की आवश्यकता है, लेकिन सरकार ने केवल मामूली राशि देने की घोषणा की है। महासंघ ने चेतावनी दी कि यदि कर्मचारियों की मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
