हनुमानगढ़। महिला सुरक्षा एवं जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को कालिका पेट्रोलियम यूनिट की ओर से शैक्षणिक संस्थानों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्राओं को आत्मसुरक्षा, साइबर सुरक्षा तथा आपातकालीन सहायता से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी गईं। कार्यक्रम के तहत कालिका यूनिट 4 व 6 की टीम ने कृष्णा और सुनीता के नेतृत्व में टाउन स्थित हिमालय एकेडमी तथा दुर्गा गर्ल्स पीजी कॉलेज में पहुंचकर छात्राओं को सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में जागरूक किया।

टीम ने छात्राओं को बताया कि वर्तमान समय में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है, इसलिए किसी भी संदिग्ध गतिविधि या परेशानी की स्थिति में तुरंत संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करना चाहिए। इस दौरान टीम ने छात्राओं को राजकोप सिटीजन ऐप डाउनलोड करवाया और इसके उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। छात्राओं को बताया गया कि इस ऐप के माध्यम से वे आपातकालीन स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क कर सकती हैं तथा अपनी लोकेशन साझा कर सहायता प्राप्त कर सकती हैं। टीम ने ऐप के विभिन्न फीचर्स जैसे इमरजेंसी अलर्ट, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया और सुरक्षा से जुड़े अन्य विकल्पों के बारे में भी विस्तार से समझाया।

कार्यक्रम में छात्राओं को विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई, जिनका उपयोग आपातकालीन स्थिति में किया जा सकता है। टीम ने बताया कि साइबर अपराध की शिकायत के लिए साइबर हेल्पलाइन 1930, महिलाओं से संबंधित समस्याओं के लिए गरिमा हेल्पलाइन 1090, बच्चों की सुरक्षा के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा किसी भी आपातकालीन स्थिति में राष्ट्रीय आपातकालीन नंबर 112 पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा छात्राओं को साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी गई। टीम ने बताया कि अनजान लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी साझा करने या संदिग्ध कॉल्स पर व्यक्तिगत जानकारी देने से बचना चाहिए।

सोशल मीडिया का उपयोग करते समय भी सावधानी बरतने और अपनी निजी जानकारी सुरक्षित रखने के लिए जागरूक रहने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को पोक्सो एक्ट के प्रावधानों के बारे में भी जानकारी दी गई। टीम ने बताया कि यह कानून बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है और किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या अपराध की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज करवाना बेहद जरूरी है। जागरूकता कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने सुरक्षा से जुड़े विभिन्न सवाल भी पूछे, जिनका टीम द्वारा विस्तार से जवाब दिया गया। इस पहल को छात्राओं और संस्थान प्रबंधन ने सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बालिकाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपने अधिकारों व सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक बनती हैं।

