– भक्ति और खेल का संगम: हनुमानगढ़ से चित्तौड़गढ़ तक पहली डाक ध्वजा यात्रा शुरू
हनुमानगढ़। हनुमानगढ़ टाउन की बरकत कॉलोनी स्थित फाटक गौशाला से भगवान सांवलिया सेठ (श्याम बाबा) की प्रथम डाक ध्वजा यात्रा श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मंडफिया धाम, चित्तौड़गढ़ के लिए रवाना हुई। करीब 650 किलोमीटर लंबी यह ऐतिहासिक यात्रा क्षेत्र में आस्था और समर्पण का अनूठा उदाहरण बनकर सामने आई। डाक ध्वजा यात्रा के आयोजक बास्केटबॉल कोच विकास अग्रवाल ने अपने परिवार सहित विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मनोज पारीक, मुरलीधर गर्ग, वीरेंद्र गर्ग (बब्बी ठेकेदार), बब्बू मित्तल, बंटी अग्रवाल, विनोद तलवाडिया और दिनेश शर्मा सहित कई श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने सामूहिक रूप से पूजा-अर्चना कर ध्वजा यात्रा को रवाना किया। यात्रा का विशेष आकर्षण सांवलिया सेठ का भव्य रथ रहा, जिसे दिनेश शर्मा द्वारा फूलों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। शाम 4:15 बजे फाटक गौशाला से यात्रा प्रारंभ हुई। बड़ी संख्या में महिलाओं ने हाथों में श्याम ध्वज लेकर भक्ति गीतों और जयकारों के साथ शोभायात्रा में भाग लिया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। ध्वजा यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई सेंट्रल पार्क पहुंची, जहां से जिला बास्केटबॉल संघ के खिलाड़ियों ने इसे आगे के सफर के लिए संभाला। यहां से 30 खिलाड़ियों के दल ने चित्तौड़गढ़ के लिए पदयात्रा शुरू की। इस दल का नेतृत्व अंतरराष्ट्रीय बास्केटबॉल खिलाड़ी निशा शर्मा कर रही हैं। खिलाड़ियों और शारीरिक शिक्षकों द्वारा की जा रही यह यात्रा खेल और आध्यात्म के अद्भुत समन्वय का उदाहरण बन गई है। फाटक गौशाला के अध्यक्ष मुरलीधर अग्रवाल और आयोजक विकास अग्रवाल ने बताया कि यह ध्वज यात्रा लगातार रात-दिन चलती रहेगी और लगभग 120 घंटे में हनुमानगढ़ से चित्तौड़गढ़ तक का करीब 650 किलोमीटर का सफर तय कर मंडफिया धाम पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र की यह पहली डाक ध्वजा यात्रा है, जिसे बास्केटबॉल खिलाड़ी और शारीरिक शिक्षक मिलकर ले जा रहे हैं। यात्रा के प्रस्थान के दौरान शहर के श्रद्धालुओं ने नाच-गाकर, भजन-कीर्तन और जयकारों के साथ इसे भावभीनी विदाई दी। पूरे वातावरण में भक्ति, उत्साह और गर्व की भावना स्पष्ट रूप से झलक रही थी। यह यात्रा निश्चित ही हनुमानगढ़ के धार्मिक और सामाजिक इतिहास में एक विशेष अध्याय के रूप में याद की जाएगी।
