हनुमानगढ़। राउज एवेन्यू कोर्ट ने कथित दिल्ली शराब नीति मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध करने के लिए ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करने में विफल रहा, इसलिए आरोपमुक्ति का आदेश दिया जाता है। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा दर्ज किया गया था। अदालत के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखने को मिला। पार्टी ने फैसले को ‘न्याय की जीत’ बताते हुए कहा कि यह राजनीतिक आरोपों और मनगढ़ंत कथाओं पर विराम लगाने वाला निर्णय है, जो न्यायिक प्रक्रिया में साक्ष्यों की सर्वोच्चता को रेखांकित करता है। फैसले की खबर मिलते ही हनुमानगढ़ जिले में पार्टी कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। जंक्शन स्थित भगत सिंह चौक पर कार्यकर्ता एकत्र हुए, एक-दूसरे को मिठाइयाँ खिलाईं, गुलाल लगाया और ढोल-नगाड़ों के साथ खुशी जाहिर की। इस दौरान ‘सत्य की जीत’ और ‘न्यायपालिका जिंदाबाद’ जैसे नारे लगाए गए।हनुमानगढ़ विधानसभा सीट से प्रत्याशी रहे सचिन कौशिक ने कहा कि यह फैसला केवल आम आदमी पार्टी के नेताओं की नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और न्यायिक मूल्यों की जीत है। उन्होंने कहा कि अदालत ने यह सिद्ध कर दिया है कि बिना प्रमाण के किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता। जिला अध्यक्ष सुरेंद्र बेनीवाल ने निर्णय को न्यायपालिका की निष्पक्षता और मजबूती का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि अदालत ने स्पष्ट कर दिया है कि कानून दबाव या प्रचार से नहीं, बल्कि साक्ष्यों से चलता है। साथ ही उन्होंने कार्यकर्ताओं से संयम और जिम्मेदारी के साथ खुशी व्यक्त करने की अपील की। पार्टी के युवा नेता राजवीर माली ने कहा कि यह फैसला उन लाखों समर्थकों के लिए राहत लेकर आया है, जो लंबे समय से इस मामले को लेकर चिंतित थे। उन्होंने कहा कि न्याय देर से सही, लेकिन मिलता जरूर है और आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी लड़ाई पूरी मजबूती से जारी रखेगी। कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय केवल एक कानूनी फैसला नहीं, बल्कि देश की न्यायिक परंपराओं में विश्वास के पुनर्स्थापन का प्रतीक है।
