रावतसर। क्षेत्र के निकट चक 23 डीडब्ल्यूडी, 9 डीडब्ल्यूएम स्थित देवी कोट एग्रो इंडस्ट्रीज में गत रात्रि करीब दो बजे अचानक भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया और फैक्ट्री में रखा लाखों रुपए का नरमा, रुई और बिनोला जलकर राख हो गया। जानकारी के अनुसार फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में कपास (नरमा), तैयार रुई की गांठें और बिनोला का स्टॉक रखा हुआ था। अज्ञात कारणों से फैक्ट्री के एक हिस्से में आग लगी, जो देखते ही देखते आसपास रखे ज्वलनशील माल में फैल गई। कपास और रुई अत्यधिक ज्वलनशील होने के कारण आग तेजी से पूरे स्टॉक में फैल गई। बताया जा रहा है कि इस अग्निकांड में करीब 2300 क्विंटल नरमा, लगभग 2000 गांठें रुई और करीब 1000 बोरी बिनोला पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए।

आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि दूर-दूर तक धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था। आसपास के ग्रामीणों ने धुआं उठता देख मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। घटना की सूचना मिलते ही फैक्ट्री संचालक जय नारायण शर्मा तुरंत मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों के साथ उन्होंने प्रारंभिक स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की तीव्रता को देखते हुए तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग बुझाने के लिए पानी के कई टैंकरों का उपयोग किया गया।
जनहानि टली, आर्थिक नुकसान भारी
गनीमत यह रही कि घटना के समय फैक्ट्री में सीमित कर्मचारी मौजूद थे और समय रहते सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि आर्थिक नुकसान बेहद बड़ा बताया जा रहा है। प्राथमिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपए का नुकसान हुआ है, जबकि वास्तविक आंकलन जांच और स्टॉक वेरिफिकेशन के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
कारणों की जांच जारी
आग लगने के कारणों का फिलहाल खुलासा नहीं हो पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट, अत्यधिक गर्मी या घर्षण जैसी संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है, लेकिन आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी। संबंधित विभाग द्वारा मौके का निरीक्षण कर जांच शुरू कर दी गई है। यह घटना क्षेत्र के औद्योगिक प्रतिष्ठानों के लिए भी एक चेतावनी है कि ज्वलनशील सामग्री के भंडारण में अतिरिक्त सावधानी और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन आवश्यक है। स्थानीय प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा किए जाने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल हालात नियंत्रण में हैं, लेकिन फैक्ट्री परिसर में जली हुई रुई और नरमे के अवशेष अब भी इस अग्निकांड की गवाही दे रहे हैं।
