रावतसर। भारतीय किसान संघ तहसील रावतसर के नेतृत्व में बुधवार को रावतसर खरीद केंद्र पर हुए कथित गेहूं खरीद घोटाले की विस्तृत जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग को लेकर उपखंड अधिकारी कार्यालय का करीब दो घंटे तक घेराव किया गया। इससे पूर्व धान मंडी स्थित किसान विश्राम गृह में संगठन कार्यकर्ताओं की बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्य वक्ता बीकानेर संभाग संगठन मंत्री हिराराम ने किसानों से धरती माता की रक्षा के लिए रासायनिक खादों का कम से-कम उपयोग करने और जैविक खेती अपनाने का आह्वान किया। जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह सूडा ने कहा कि भारतीय किसान संघ लगातार किसानों के हितों की रक्षा के लिए संघर्षरत है। उन्होंने कहा कि संगठन को न तो वोट का लालच है और न ही नोट का।

उन्होंने जिले की धान मंडियों में गेहूं खरीद में हुए कथित घोटाले को शर्मनाक बताते हुए इसे व्यापारिक व्यवस्था पर कलंक बताया। बैठक को जिला उपाध्यक्ष तेजपाल मटोरिया एवं संभाग सदस्य प्रेम सिहाग ने भी संबोधित किया और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया। बैठक के बाद किसान नारेबाजी करते हुए उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे और शांतिपूर्ण तरीके से कार्यालय का घेराव किया। इस दौरान तहसील अध्यक्ष जयवीर गोदारा ने कहा कि फिलहाल प्रशासन को चेतावनी दी जा रही है, लेकिन यदि किसानों को न्याय नहीं मिला तो उपखंड अधिकारी कार्यालय पर अनिश्चितकालीन पड़ाव डाला जाएगा। घेराव के दौरान संगठन के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने गेहूं खरीद घोटाले में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई।

उपखंड अधिकारी विनोद कुमार गोदारा ने मौके पर पहुंचकर किसानों से ज्ञापन प्राप्त किया। ज्ञापन में रावतसर धान मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए किए गए सभी रजिस्ट्रेशन और वारदाना वितरण की जांच कराने की मांग की गई। साथ ही घोटाले की जांच पूरी होने के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, उनके लाइसेंस निरस्त करने तथा घोटाले की राशि राजकोष में जमा करवाने की मांग की गई। इससे पहले किसान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने कृषि उपज मंडी सचिव से मुलाकात कर गेहूं खरीद प्रकरण में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी ली। इस अवसर पर चतर सिंह रावतोत, सुरेंद्र स्वामी, जयपाल खोड, ताराचंद उलानिया, मदन गोपाल, विजयपाल सुथार, शिव पुरोहित, कृष्ण गोदारा, प्रेम गोदारा, राजाराम स्वामी, बृजलाल स्वामी, हनुमान पीलानिया, रोहतास पुनिया, राजाराम गोरछिया, राजेंद्र राव, वेदप्रकाश, भंवरलाल सिहाग, बलवंत सिहाग, लालचंद स्वामी, धनेसिंह छींपा, रवि खर्रा सहित बड़ी संख्या में किसान एवं संगठन कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
