रावतसर। 30 मार्च को रावतसर में आयोजित होने वाली विराट रामोत्सव धर्मयात्रा को लेकर शहर में भक्तिमय माहौल बनता जा रहा है और तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। श्री रामोत्सव धर्मयात्रा समिति रावतसर, विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल और मातृ शक्ति दुर्गा वाहिनी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित होने वाली इस भव्य धर्मयात्रा को लेकर प्रशासन और समाज दोनों स्तरों पर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। इसी क्रम में स्थानीय थाना परिसर में सीएलजी की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जो सीओ सुभाष गोदारा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में थाना प्रभारी ईश्वरानंद शर्मा सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी तथा शहर के कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। बैठक के दौरान धर्मयात्रा के सफल आयोजन को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। धर्मयात्रा के निर्धारित रूट, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, भीड़ प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी जैसे मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

अधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के बड़े आयोजनों में प्रशासन के साथ-साथ आमजन की जिम्मेदारी भी महत्वपूर्ण होती है। सीओ सुभाष गोदारा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि धर्मयात्रा आस्था का विषय है और इसे शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी समुदायों के लोगों से आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की तथा किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक जानकारी से दूर रहने का आग्रह किया। वहीं थाना प्रभारी ईश्वरानंद शर्मा ने बताया कि धर्मयात्रा के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे और पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे। बैठक में मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी सकारात्मक भागीदारी निभाते हुए धर्मयात्रा के प्रति पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि रावतसर की पहचान हमेशा से भाईचारे और एकता की रही है और इस परंपरा को आगे भी कायम रखा जाएगा।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि धर्मयात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा नहीं आने दी जाएगी। बैठक में इकरामुद्दीन कुरेशी, सादुल बिजारणिया, धर्मपाल थालोड़, मनोज सिहाग, ओम प्रकाश, सोनू कुमार, रंगलाल बिश्नोई, कृष्ण सिहाग, राजेश शर्मा और बंशीधर धानसिया सहित कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इस दौरान धर्मयात्रा के दौरान साफ-सफाई, पानी की व्यवस्था, चिकित्सा सुविधा और स्वयंसेवकों की तैनाती जैसे सुझाव भी साझा किए गए। उल्लेखनीय है कि 30 मार्च को यह विराट रामोत्सव धर्मयात्रा स्थानीय धानमंडी प्रांगण से विधिवत पूजा-अर्चना के साथ प्रारंभ होगी। इसके बाद यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए विभिन्न स्थानों पर स्वागत कार्यक्रमों के बीच आगे बढ़ेगी और अंत में वार्ड नंबर 1 स्थित श्रीराम मंदिर में पहुंचकर सम्पन्न होगी। धर्मयात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, झांकियां और धार्मिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। धर्मयात्रा को लेकर शहरवासियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। बाजारों में रौनक बढ़ गई है और विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। श्रद्धालु बड़ी संख्या में इस धर्मयात्रा में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगा, बल्कि आपसी एकता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का भी सशक्त संदेश देगा।
संवाददाता- जगत जोशी
