हनुमानगढ़। श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय में विश्व अर्थशास्त्र दिवस के मौके पर अर्थकला कॉमर्स, आर्ट एंड मैनेजमेंट क्लब के तत्वावधान में ‘सरकारी नीतियां और भारतीय अर्थव्यवस्था पर उनका प्रभाव विषय पर ऑनलाइन कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को सरकारी नीतियों और भारतीय अर्थव्यवस्था के अंतर्संबंधों को समझने का अवसर मिला। कार्यशाला का समन्वयन डॉ. ममता जैन ने किया। इसमें विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने हिस्सा लेकर सरकारी नीतियों और भारतीय अर्थव्यवस्था के बीच संबंधों पर विचार-विमर्श किया। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि आर्थिक नीतियां किसी भी देश की प्रगति, रोजगार सृजन और सामाजिक समृद्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। विद्यार्थियों को सरकारी नीतियों की समझ विकसित करने के साथ उनके दूरगामी प्रभावों का विश्लेषण भी करना चाहिए, ताकि वे भविष्य में जिम्मेदार नागरिक और जागरूक पेशेवर बन सकें। विश्वविद्यालय के एमडी दिनेश कुमार जुनेजा ने कहा कि वर्तमान समय में आर्थिक बदलावों और सरकारी नीतियों की जानकारी प्रत्येक विद्यार्थी के लिए आवश्यक है। इस तरह की शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक समझ प्रदान करती हैं। साथ ही, देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर तार्किक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित करती हैं। कार्यशाला के मुख्य वक्ता डॉ. दिलीप जैन ने सरकारी नीतियों के निर्माण, क्रियान्वयन तथा भारतीय अर्थव्यवस्था पर उनके प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि सरकारी नीतियां रोजगार, व्यापार और आर्थिक विकास को किस प्रकार प्रभावित करती हैं। कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों ने सरकारी नीतियों के पक्ष-विपक्ष में अपने विचार प्रस्तुत किए। साथ ही, नीतियों की उपयोगिता, लाभ और उनसे जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा की। विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को विश्लेषणात्मक चिंतन विकसित करने और विषय की व्यावहारिक समझ हासिल करने का अवसर मिला। कार्यक्रम के दौरान डॉ. रेखा शर्मा का स्वागत किया गया। इस मौके पर कुलवंत सिंह, विक्रम मंगवाना, प्रदीप स्वामी, रवि बंसल, सुरेंद्र वर्मा, निशा बिधूड़ी और चंचल सोखल सहित अन्य शिक्षक एवं प्रतिभागी मौजूद रहे।
