हनुमानगढ़। तलवाड़ा झील पुलिस थाना में शराब ठेके के कर्मचारियों के साथ मारपीट, जातिसूचक गालियां देने, कपड़े उतरवाकर अपमानित करने तथा वाहन में तोड़फोड़ करने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर आरोपियों सहित कई लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और एससीएसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार सिरसा जिले के दलीपनगर निवासी अशोक (19) पुत्र चन्द्रभान धाणक ने रिपोर्ट दर्ज करवाई कि वह पिछले चार माह से कुबेर वाइन्स ग्रुप में कार्यरत है। 29 मई की शाम करीब 6 बजे वह अपने साथियों पवन कुमार, राजेश, गुरदीप और दीपांशु के साथ बोलेरो वाहन में मिर्जावाली मेर स्थित शराब दुकान पर माल पहुंचाने गया था। शराब की पेटियां उतारकर सभी कर्मचारी वापस मसीतांवाली हैड की ओर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के मंदिर के पास ललित उर्फ धोलू भादू ने मोटर साइकिल लगाकर उनकी गाड़ी रुकवा दी। इसके बाद मंदिर की दीवार फांदकर 10 से 12 युवक लाठी-डंडों के साथ मौके पर पहुंचे, जिनमें नरेश भादू, सुभाष कस्वां, विजय, प्रमोद भादू सहित अन्य शामिल थे। सभी ने गाड़ी में सवार कर्मचारियों को नीचे उतार लिया और जातिसूचक गालियां देते हुए मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने वाहन में भी तोड़फोड़ की। राजेश और गुरदीप के कपड़े उतरवाकर उन्हें बोलेरो के बोनट पर बैठा दिया गया तथा लाठी-डंडों और मुक्कों से मारपीट की गई। एक आरोपी ने हाथ का कड़ा निकालकर गुरदीप पर हमला किया। जब पवन कुमार ने विरोध किया तो उस पर भी हमला किया गया। नरेश भादू के पास धारदार हथियार था और अन्य लोग लाठियों से लैस थे। पवन किसी तरह मौके से भागकर जान बचाने में सफल रहा। घटना में पवन, गुरदीप और राजेश को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें पहले टिब्बी के सरकारी अस्पताल ले जाया गया और बाद में हनुमानगढ़ रेफर कर दिया गया। पुलिस रिकॉर्ड के हवाले से परिवादी ने आरोप लगाया कि नरेश भादू और ललित उर्फ धोलू भादू के खिलाफ पहले भी हत्या, लूट, एनडीपीएस, आर्म्स एक्ट और मारपीट सहित अनेक मामले दर्ज हैं। रिपोर्ट के अनुसार दोनों आरोपियों को पूर्व में हत्या के मामलों में सजा भी हो चुकी है और वे वर्तमान में जमानत पर बाहर हैं। पुलिस रिकॉर्ड की जांच में नरेश भादू के खिलाफ 11 तथा ललित उर्फ धोलू के खिलाफ 12 आपराधिक प्रकरण दर्ज होना पाया गया। दोनों थाना के हिस्ट्रीशीटर बताए गए हैं। तलवाड़ा झील थाना पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता तथा एससीएसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच संगरिया वृताधिकारी रमेश चन्द्र माचरा कर रहे हैं।
