हनुमानगढ़। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और चिन्हित ब्लैक स्पॉट्स के प्रभावी निवारण के उद्देश्य से जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति ने मंगलवार को भारत माता चौक से सतीपुरा बाईपास तक लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। यह कार्रवाई जिला कलेक्टर एवं जिला सड़क सुरक्षा समिति के अध्यक्ष के निर्देशानुसार की गई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। निरीक्षण के दौरान समिति ने पिछले तीन वर्षों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं के कारणों का गहन विश्लेषण किया और मौके पर ही समाधानात्मक उपायों पर चर्चा कर महत्वपूर्ण निर्णय लिए। विशेष रूप से स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों से संवाद स्थापित कर उनके अनुभव और सुझाव लिए गए, जिन्हें आगे की कार्ययोजना में शामिल करने पर सहमति बनी। समिति ने पाया कि सड़क की चौड़ाई में बाधा बनने वाले तत्व जैसे होर्डिंग, विद्युत पोल, विद्युत विभाग की चारदीवारी और मुख्य नाला दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। इन अवरोधों को हटाकर भारत माता चौक से राजवी मैरिज प्लेस तक सड़क को चार लेन में विकसित करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही आइलैंड और डिवाइडर निर्माण कर यातायात को व्यवस्थित एवं सुरक्षित बनाने की योजना तैयार की गई। मुख्य नाले को कवर कर उसे सुरक्षित बनाने और उसके ऊपर अस्थायी पार्किंग की सुविधा विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा गया, जिससे सड़क किनारे अनियंत्रित पार्किंग की समस्या का समाधान हो सके। इसके अलावा बंद पड़ी पुलिया की दीवार हटाकर सड़क को चौड़ा करने और बर्म क्षेत्र को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए गए। समिति ने सड़क सुरक्षा से जुड़े तकनीकी उपायों को भी प्राथमिकता दी। इनमें सड़क पर सफेद पट्टियां, कैट आई, चेतावनी संकेतक बोर्ड, स्पीड लिमिट बोर्ड, ट्रांसवर्स बार मार्किंग, लिंक सड़कों पर स्पीड ब्रेकर और विद्युत पोल पर रिफ्लेक्टिव पेंटिंग शामिल हैं। इन सभी उपायों का उद्देश्य वाहन चालकों को सतर्क करना और दुर्घटनाओं की संभावना को न्यूनतम करना है। स्थानीय नागरिकों को भी सड़क सुरक्षा में भागीदार बनाने पर जोर दिया गया। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे सड़क सीमा में निजी कबाड़, अनुपयोगी सामग्री या अवैध विज्ञापन बोर्ड न रखें। साथ ही गलत स्थानों पर पार्किंग से बचने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की गई। निरीक्षण दल में सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनिल अग्रवाल, जिला परिवहन अधिकारी नरेश पूनिया, यातायात निरीक्षक अनिल चिन्दा, रिडकोर के परियोजना निदेशक मदन पारीक, नगर परिषद के अधिशासी अभियंता रामप्रसाद मीना, सहायक परियोजना अधिकारी अमर चंद तथा सहायक अभियंता सत्यवीर कटारिया सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। समिति ने निष्कर्ष निकाला कि सतीपुरा बाईपास पर दुर्घटनाओं को शून्य करने के लिए प्रशासनिक सुधार, तकनीकी उपाय और नागरिक अनुशासन का समन्वय अत्यंत आवश्यक है। आने वाले समय में इन निर्णयों के प्रभावी क्रियान्वयन से सड़क सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई गई है।
