जयपुर। गोविंद सिंह डोटासरा ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े कानून पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और एनसीआरबी रिपोर्ट को लेकर केंद्र व राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। डोटासरा ने भाजपा पर चुनाव आयोग को “सरकारी आयोग” बनाने और राजस्थान की कानून व्यवस्था को पूरी तरह विफल करने का आरोप लगाया।सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में डोटासरा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाले कानून पर कड़ी टिप्पणी करते हुए मोदी सरकार की मंशा को देश के सामने बेनकाब कर दिया है। उन्होंने लिखा कि “ये बहुमत की तानाशाही है” जैसी टिप्पणी केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है।डोटासरा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति से चीफ जस्टिस को हटाकर केंद्रीय मंत्री को शामिल किया, जिससे चयन प्रक्रिया पूरी तरह सरकार के नियंत्रण में आ गई। उन्होंने कहा कि अब समिति में प्रधानमंत्री, एक केंद्रीय मंत्री और नेता प्रतिपक्ष शामिल हैं, ऐसे में बहुमत सरकार के पास है और भाजपा स्वतंत्र चुनाव आयोग नहीं बल्कि “सरकारी आयोग” चाहती है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संविधान के अनुच्छेद 14 और लोकतंत्र की मूल भावना से जुड़े हैं। भाजपा पर निशाना साधते हुए डोटासरा ने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव आयोग का इस्तेमाल राज्यों में लोकतंत्र को कमजोर करने के लिए कर रही है। वहीं, एनसीआरबी रिपोर्ट में महिला अपराधों के मामलों में राजस्थान के शीर्ष पर आने को लेकर भी डोटासरा ने राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि भाजपा ने राजस्थान को “अपराधिस्थान” बनाकर देश में नंबर-1 कर दिया है। डोटासरा ने लिखा कि महिला अपराधों में राजस्थान देश में पहले स्थान पर है और 19 महानगरों में जयपुर सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में राजस्थान की पहचान अब पर्यटन, संस्कृति और अपणायत से नहीं, बल्कि अपराधों से होने लगी है। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान में महिला अपराध दर राष्ट्रीय औसत से तीन गुना अधिक है, जो राज्य की बिगड़ती कानून व्यवस्था को दर्शाता है।
