– मानदेय बढ़ाने और कर्मचारियों की सूची सार्वजनिक करने की मांग, धरना चौथे दिन भी जारी
हनुमानगढ़। एनजीओ के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों का टाउन स्थित नगर परिषद कार्यालय के समक्ष बेमियादी धरना-प्रदर्शन गुरुवार को चौथे दिन भी जारी रहा। मांगों पर सुनवाई नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने विरोध स्वरूप शहर का कचरा और गंदगी नगर परिषद कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने डाल दी, जिससे परिसर के बाहर गंदगी फैल गई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सफाई कर्मचारियों की ओर से ठेकेदार के माध्यम से दिए जाने वाले मानदेय में बढ़ोतरी तथा एनजीओ के जरिए कार्यरत करीब 400 कर्मचारियों की जोनवार सूची उपलब्ध करवाने की मांग की जा रही है। भीषण गर्मी के बावजूद कर्मचारी लगातार धरने पर बैठे हुए हैं। धरने पर बैठी महिला सफाई कर्मचारी सरोज ने बताया कि चार दिनों से आंदोलन जारी है, लेकिन उनकी मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि मजबूर होकर कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालय के बाहर कचरा डालकर विरोध दर्ज कराया है। उनका कहना था कि सफाई कर्मचारी वेतन में मात्र 200 रुपए की बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस पर भी सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जा रहा।

उन्होंने बताया कि एनजीओ के माध्यम से कार्यरत अधिकांश महिला कर्मचारी किराए के मकानों में रहकर जीवन यापन कर रही हैं और उन्हें मात्र छह हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय मिल रहा है। कई कर्मचारियों को सफाई कार्य करते हुए 18 वर्ष से अधिक समय हो चुका है, लेकिन वे न तो स्थायी हुए और न ही उनके वेतन में अपेक्षित वृद्धि हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं नगर परिषद आयुक्त सुरेन्द्र यादव ने कहा कि प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों को ठेकेदार की ओर से श्रम विभाग के नियमों के अनुसार न्यूनतम मजदूरी का भुगतान किया जा रहा है। साथ ही ईएसआई और पीएफ की कटौती भी नियमानुसार की जा रही है। एनजीओ के माध्यम से जितने कर्मचारी कार्यरत हैं, उनका भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है। उन्होंने नगर परिषद कार्यालय के सामने कचरा और गंदगी डालने की घटना को राजकार्य में बाधा उत्पन्न करने वाला कृत्य बताते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी।
