हनुमानगढ़। गांव पक्कासारणा स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 11वीं में अध्ययनरत एक छात्र के साथ उसके ही करीब आधा दर्जन सहपाठियों की ओर से मारपीट का मामला सामने आया है। घटना में छात्र की गर्दन और पीठ पर अंदरूनी चोटें आईं। उसका अस्पताल में उपचार जारी है। घटना से आक्रोशित छात्र के परिजन और ग्रामीण मंगलवार को विद्यालय परिसर में एकत्रित हो गए तथा जमकर हंगामा किया।


ग्रामीणों ने मारपीट में शामिल दोषी छात्रों की टीसी काटने और उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की। जांच कमेटी गठित कर उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीण शांत हुए। गांव पक्कासारणा निवासी कृष्णलाल राठौड़ ने बताया कि उनका 16 वर्षीय भांजा ब्रह्मदेव पुत्र रामजीलाल गांव के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कक्षा 11वीं का छात्र है।


सोमवार अपराह्न करीब 3.30 बजे सातवां पीरियड समाप्त होने के बाद कक्षा 11 के कुछ विद्यार्थी कक्षाकक्ष में मौजूद थे। अध्यापिका के निर्देश पर ब्रह्मदेव उन विद्यार्थियों को बाहर आने के लिए बुलाने गया, इसी दौरान करीब आधा दर्जन शरारती छात्रों ने उस पर हमला कर दिया। आरोप है कि हमलावर छात्रों ने ब्रह्मदेव पर जैकेट डालकर मुक्कों से बेरहमी से मारपीट की, जिससे उसकी गर्दन और पीठ पर अंदरूनी चोटें आईं। परिजनों के अनुसार फिलहाल उसकी गर्दन भी ठीक से नहीं हिल पा रही है। कृष्णलाल ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय विद्यालय के एक छात्र ने दो अध्यापकों को झगड़े की सूचना दी, लेकिन दोनों अध्यापकों ने मौके पर जाने की बजाय मोबाइल फोन में व्यस्त रहना उचित समझा। इस लापरवाही को लेकर भी ग्रामीणों में रोष देखा गया।

पंचायत समिति के पूर्व प्रधान दयाराम जाखड़ ने बताया कि घटना की जानकारी विद्यालय प्रिंसिपल को दी गई तथा दोषी छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। प्रिंसिपल ने मंगलवार सुबह संबंधित छात्रों के अभिभावकों को बुलाकर बातचीत की और मारपीट में शामिल छात्रों के खिलाफ कार्रवाई व टीसी काटने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि दोबारा इस तरह की घटना की पुनर्रावृत्ति न हो, इस पर प्रिंसिपल के साथ चर्चा करने के लिए गांव के लोग विद्यालय में एकत्रित हुए हैं।

उधर, विद्यालय प्रिंसिपल राकेश कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी संबंधित विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से बातचीत की गई है। घटना की जांच के लिए एक कमेटी गठित की गई है।

जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
