हनुमानगढ़। नीतू देवी धर्मपत्नी हरीकृष्ण सहारण की प्रथम पुण्यतिथि के मौके पर सहारण परिवार की ओर से सोमवार को गांव मक्कासर के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ दिवंगत नीतू देवी के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ हुआ। शिविर के दौरान डॉ. विक्रम सिंह राठौड़, एलटी जसुराम गोदारा, सुखपाल सिंह, करण, अंकित तथा हेल्पर गुरविन्द्र सिंह की ओर से रक्त संग्रहण का कार्य किया गया।


कार्यक्रम के दौरान दिवंगत नीतू देवी की पुत्री अम्बिका ने बताया कि उनकी माता दानशील स्वभाव की थीं और गोशाला सहित जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहती थीं। उन्होंने भावुक होते हुए बताया कि जब उनकी माता बीमारी के दौरान अस्पताल में भर्ती थीं, तब प्रतिदिन बड़ी मात्रा में रक्त की आवश्यकता पड़ती थी। कई बार अचानक 20 से 50 यूनिट तक रक्त की जरूरत का संदेश मिलता था, जिससे परिवार को रक्तदान के महत्व का वास्तविक एहसास हुआ।

इसी अनुभव से प्रेरित होकर परिवार ने निर्णय लिया कि नीतू देवी की पुण्यतिथि पर प्रतिवर्ष रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा, ताकि जरूरतमंद मरीजों की सहायता की जा सके। अम्बिका ने कहा कि रक्तदान महादान है और एक यूनिट रक्त से तीन लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने समाज के लोगों को भी संदेश दिया कि अपनी कमाई का एक हिस्सा दान कार्यांे में लगाएं तथा रक्तदान और अंगदान जैसे पुण्य कार्यां में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें।

इस मौके पर मौजूद गणमान्य नागरिकों ने सहारण परिवार की इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। कार्यक्रम में शिवदत्त सहारण, सौरभ चाहर, संजीव सहारण, डॉ. विजयपाल शर्मा, राजेन्द्र सिहाग, शंकर जैन, मनोज गोदारा, डालूराम फुलिया सहित कई लोग मौजूद रहे।
