हनुमानगढ़। शहर के टाउन स्थित फाटक गौशाला, बरकत कॉलोनी में इस वर्ष भी होली महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। फागुन की मस्ती और रंगों की उमंग के बीच गौशाला परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गौभक्तों, महिलाओं, युवाओं और स्थानीय श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया। होली महोत्सव की शुरुआत श्रद्धालुओं द्वारा सांवलिया सरकार को रंग-गुलाल अर्पित कर की गई। इसके उपरांत गौमाता को भी श्रद्धापूर्वक गुलाल लगाकर आशीर्वाद लिया गया। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद होली उत्सव का शुभारंभ हुआ।

पूरे परिसर में “होली खेले सांवलिया” जैसे भजनों की गूंज सुनाई देती रही, जिस पर श्रद्धालु नाचते-गाते नजर आए। ढोलक और मंजीरे की थाप पर झूमते भक्तों ने वातावरण को पूरी तरह फागुनी रंग में रंग दिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने मिलकर भजनों पर नृत्य करते हुए होली का आनंद लिया। रंगों से सराबोर श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर प्रेम, सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। परिसर में गुलाल की खुशबू और भक्तिमय संगीत ने ऐसा माहौल बनाया मानो पूरा क्षेत्र सांवलिया सरकार की भक्ति में लीन हो गया हो।

फाटक गौशाला के अध्यक्ष मुरलीधर अग्रवाल ने बताया कि गौशाला में प्रतिवर्ष बाबा श्याम एवं गौमाता के सान्निध्य में होली महोत्सव मनाने की परंपरा रही है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि गौसेवा और भक्ति भाव को प्रोत्साहित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम भी है। शहर और आसपास के क्षेत्रों से अनेक गौभक्त हर वर्ष यहां आकर उत्साहपूर्वक भाग लेते हैं और गौमाता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गौशाला समिति का प्रयास रहता है कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सेवा, संस्कार और समर्पण की भावना को सुदृढ़ किया जाए। ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक आस्था मजबूत होती है, बल्कि समाज में एकता और सहयोग की भावना भी बढ़ती है।

कार्यक्रम में विशेष आकर्षण गायक गुरपाल सिंह एंड पार्टी द्वारा प्रस्तुत भजन संध्या रही। कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्तिमय भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भजनों की बौछार के बीच श्रद्धालु देर तक झूमते रहे और वातावरण में उत्साह बना रहा। अंत में प्रसाद वितरण किया गया तथा सभी ने एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं देते हुए सुख-समृद्धि और मंगलकामना की। फाटक गौशाला में आयोजित यह होली महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और सामाजिक समरसता का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर सामने आया।
