–घग्घर नाली से जुड़ी सिंचाई पाइपलाइन तोड़े जाने पर बवाल, भाजपा ने दी आंदोलन की चेतावनी
हनुमानगढ़। जिले में किसानों की सिंचाई पाइपलाइन तोड़े जाने का मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गर्माता जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) देहात मंडल हनुमानगढ़ के बैनर तले गुरुवार को टाउन में किसानों ने प्रेस वार्ता आयोजित कर इस मुद्दे को गंभीर बताया और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। भाजपा पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि कुछ असामाजिक तत्व लगातार किसानों की सिंचाई पाइपलाइन को नुकसान पहुंचा रहे हैं, जिससे किसानों की गेहूं की फसल को भारी नुकसान होने का खतरा पैदा हो गया है। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा देहात मंडल अध्यक्ष जसपाल सिंह ने कहा कि एक ओर कांग्रेस पार्टी खुद को किसानों की हितैषी बताती है, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस से जुड़े कुछ लोग किसानों को परेशान करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करते हुए कुछ लोग किसानों की जीवनदायिनी सिंचाई पाइपलाइनों को बार-बार तोड़ रहे हैं। जसपाल सिंह ने बताया कि थेड़ी गंगानी से लेकर बहलोलनगर तक की विभिन्न ग्राम पंचायतों के किसानों ने कृषि कार्य के लिए घग्घर नाली से रोही क्षेत्र की ओर पाइपलाइन डाल रखी है। इन पाइपलाइनों के माध्यम से खेतों में सिंचाई की जाती है और सैकड़ों किसानों की फसल इसी पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि पिछले करीब आठ महीनों से करणीसर सहजीपुरा ग्राम के कुछ लोग किसानों को लगातार परेशान कर रहे हैं और बार-बार पाइपलाइन को तोड़कर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई बार प्रशासन और पुलिस ने न्यायालय के आदेशों के आधार पर पाइपलाइन को फिर से जुड़वाया, लेकिन कुछ लोग इसे दोबारा तोड़ देते हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है और वर्तमान में गेहूं की फसल पानी के अभाव में सूखने की कगार पर पहुंच गई है।

भाजपा मंडल अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और किसी भी कीमत पर किसानों के हितों से समझौता नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि भाजपा नेता अमित साहू के नेतृत्व में पार्टी किसानों की समस्याओं को गंभीरता से ले रही है और प्रशासन से लगातार संपर्क में है। जसपाल सिंह ने एक वायरल वीडियो का भी जिक्र किया, जिसमें कांग्रेस नेता संदीप दूधवाला कथित रूप से प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहते दिखाई दे रहे हैं कि “आप जितनी बार पाइपलाइन जोड़ोगे, हम उतनी बार उसे तोड़ेंगे।” उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान कांग्रेस की किसानों और दलित वर्ग के प्रति मानसिकता को दर्शाते हैं। उन्होंने प्रशासन से इस मामले की भी जांच कर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने बताया कि राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद तहसीलदार हनुमानगढ़ ने किसानों की पाइपलाइन खेतों तक जुड़वाई थी। किसान अपने खर्चे पर पाइपलाइन डाल रहे हैं और इसके लिए सरकार को राजस्व भी प्राप्त हो रहा है। इसके बावजूद कुछ लोग जानबूझकर पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाकर किसानों को परेशान कर रहे हैं। भाजपा नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि पाइपलाइन तोड़ने वालों को तुरंत हिरासत में लेकर उनके खिलाफ राजकार्य में बाधा डालने और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने का मामला दर्ज किया जाए।

उन्होंने कहा कि यदि समय रहते ऐसे लोगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। जसपाल सिंह ने बताया कि भाजपा देहात मंडल 13 मार्च को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेगा। इस दौरान प्रशासन के सहयोग से पाइपलाइन को दोबारा जोड़ने की कार्रवाई करवाई जाएगी। साथ ही पूरे घटनाक्रम की निगरानी के लिए मौके पर कैमरे भी लगाए जाएंगे, ताकि यदि भविष्य में कोई पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करे तो उसके खिलाफ ठोस साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि यदि इसके बाद भी पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं नहीं रुकीं तो पूरे मामले को मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया जाएगा। भाजपा नेता ने स्पष्ट किया कि किसानों की गेहूं की फसल को किसी भी कीमत पर बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा और किसानों को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा नेता अमित साहू और राजस्थान सरकार के पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप भी इस मामले में किसानों के साथ खड़े हैं और किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। प्रेस वार्ता में मौजूद किसानों ने भी प्रशासन से जल्द समाधान की मांग करते हुए कहा कि यदि समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ सकता है।
