हनुमानगढ़। खण्ड टिब्बी में 4 फरवरी 2026 को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) टिब्बी में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत रेफर किए गए बच्चों के उपचार हेतु रैफरल कैम्प का आयोजन किया गया। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि कैम्प में उपचार के लिए 102 बच्चों की उपस्थिति दर्ज की गई। इनमें अनीमिया के 8, ओटाइटिस एवं श्रवण दोष के 1, दंत रोग के 18, दृष्टि दोष के 27, रिएक्टिव एयरवे डिजीज के 27 तथा त्वचा रोग के 9 चिन्हित बच्चे शामिल थे। चिकित्सा दल द्वारा 96 बच्चों का मौके पर ही उपचार किया गया, जबकि 6 बच्चों को उच्च चिकित्सा संस्थान हेतु रेफर किया गया।

रेफर किए गए बच्चों में जन्मजात हृदय रोग से पीडि़त 2 बच्चे भी शामिल हैं। डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि कैम्प की विशेष बात यह रही कि दृष्टि दोष से ग्रसित बच्चों की रिफ्रेक्शन जांच कैम्प स्थल पर ही की गई, जिससे बच्चों को समय पर चश्मा एवं आगे के उपचार की सुविधा मिल सकी।

कैम्प में चिकित्सा सेवाएं डॉ. मांगीलाल छिम्पा (चिकित्सा अधिकारी प्रभारी), डॉ. ऋतिका त्रिपाठी (स्त्री रोग विशेषज्ञ), डॉ. गौरव नैण (अस्थि रोग विशेषज्ञ), डॉ. चंदन प्रीत (ईएनटी विशेषज्ञ), डेंटल हाइजेनिस्ट अंजू तथा नेत्र सहायक अशोक द्वारा प्रदान की गईं। इस दौरान एडीएनओ आरबीएसके एवं हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेटर सुनील शर्मा ने उपस्थित अभिभावकों एवं स्टाफ को आभा आईडी पंजीयन तथा मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य (मां) योजना के अंतर्गत उपलब्ध उपचार सुविधाओं की विस्तृत जानकारी दी।

कैम्प में पंजीयन एवं आवश्यक व्यवस्थाओं का कार्य आरबीएसके आयुष चिकित्सक डॉ. जगदीश प्रसाद, एएनएम सुश्री मोनिका एवं खण्ड लेखाकार अशोक द्वारा सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। उल्लेखनीय है कि आरबीएसके के अंतर्गत अगला रैफरल कैम्प टाउन जिला अस्पताल में 6 फरवरी 2026 को आयोजित किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा।
