
हनुमानगढ़। उत्तर प्रदेश के पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सामूहिक दुष्कर्म केस में हुई उम्र कैद की सजा को दिल्ली उच्च न्यायालय की ओर से निलंबित किए जाने से आक्रोशित अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की सदस्यों ने सोमवार को जिला कलक्ट्रेट परिसर में विरोध-प्रदर्शन किया। विरोध-प्रदर्शन के बाद एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत रद्द कर उसकी उम्रकैद की बरकरार रखने की मांग की। पंचायत समिति की पूर्व उपप्रधान कमला मेघवाल ने कहा कि उन्नाव के पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने रोजगार का आश्वासन देकर एक नाबालिग लड़की को अपने घर बुलाया। खतरे से बे-खबर वह लड़की जब मौके पर पहुंची तो रोजगार के बदले उसकी गरिमा पर वार किया गया। उसका सामूहिक दुष्कर्म किया गया। राजनैतिक दबदबे के नशे में चूर कुलदीप सेंगर ने उस लड़की को मुंह न खोलने का आदेश दिया। दबदबा ऐसा था कि पुलिस भी एफआईआर करने से कतरा रही थी। जब पीड़िता ने मुख्यमंत्री के द्वार पर आत्मदाह करने की धमकी दी तब जाकर एफआईआर हुई। केस वापस लेने का दबाव लगातार बनाया गया। इसलिए पिता को इतना पीटा गया कि उनकी मृत्यु हो गई। बात जब फिर भी न बनी तो परिवार पर ऐसा हमला किया गया जिसमें लड़की की मौसी और चाची निहत हो गई। आखिरकार उम्रकैद की सजा हो ही गई। पर भाजपा के इस नेता की दबंगई खत्म नहीं हुई। दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से कुलदीप सेंगर की उम्रकैद की सजा सस्पेंड कर उसे जमानत दे दी जाती है। इससे समिति में आक्रोश है।

समिति ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की कि मुलजिम/मुजरिम का पद/दबदबा, जात, धर्म जो भी हो, किसी भी प्रकार का प्रशासनिक, राजनैतिक, न्यायिक संरक्षण न दिया जाए। पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर की जमानत को रोल बैक कर उसकी उम्र कैद की सजा बरकरार रखी जाए। समिति ने बिहार के मुख्यमंत्री की ओर से मुस्लिम महिला डॉक्टर का हिजाब खिंचने का विरोध करते हुए मांग की कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसके लिए माफी मांगें। इस मौके पर चन्द्रकला वर्मा, सर्वजीत कौर, संगीता मंडल, लीलावती, ममता, गुरप्रीत कौर, रणजीत कौर, सुनीता, वेद मक्कासर सहित समिति की कई सदस्य मौजूद रहीं।
