हनुमानगढ़। सूर्योदय कृषि परिवार की ओर से गांव खोथांवाली स्थित सूर्योदय जैविक कृषि कंपनी के प्रांगण में नि:शुल्क जैविक खेती सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों किसानों ने हिस्सा लिया। सेमिनार का मुख्य उद्देश्य किसानों को जैविक खेती, गौ-आधारित कृषि पद्धति, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना रहा। विशेषज्ञों ने जैविक खेती की वैज्ञानिक विधियों, लागत में कमी लाने के उपायों तथा उत्पादन बढ़ाने की तकनीकों पर जानकारी दी। किसानों को रासायनिक खेती से होने वाले दुष्प्रभावों तथा प्राकृतिक खेती के दीर्घकालीन लाभों के बारे में भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में टांटिया विश्वविद्यालय श्रीगंगानगर के उपाध्यक्ष डॉ. मोहित टांटिया मौजूद रहे। उन्होंने किसानों को बताया कि टांटिया विश्वविद्यालय में नाममात्र के शुल्क पर मिट्टी जांच की सुविधा उपलब्ध है। मुख्य अतिथि खेती विरासत मिशन पंजाब के कार्यकारी निदेशक उमेन्द्र दत्त ने किसानों को संबोधित किया। मुख्य वक्ता श्री रामशान्ताय जैविक कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केन्द्र, कोटा के मुख्य वैज्ञानिक पवन टाक ने व्यावहारिक प्रशिक्षण देते हुए जैविक खाद निर्माण, कीट प्रबंधन एवं प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग पर मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अंबुजा फाउंडेशन, हनुमानगढ़ का विशेष सहयोग रहा। फाउंडेशन के अमीलाल, हरी सिंह एवं अन्य स्टाफ सदस्यों ने आयोजन की व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सूर्याेदय जैविक कृषि कम्पनी खोथांवाली के निदेशक कानाराम भूवाल ने किसानों से जैविक खेती अपनाने, मिट्टी की सेहत सुधारने और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सक्रिय कदम बढ़ाने का आह्वान किया। सेमिनार ने क्षेत्र में टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल कृषि की दिशा में नई जागरूकता का संचार किया।
